योगेश शर्मा
कोटा। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के प्रदेशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को कोटा जिला इकाई द्वारा श्रमिकों, कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हुंकार भरी गई। जिला मंत्री रवि गौतम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं श्रम मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में प्रदेश के औद्योगिक और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
श्रमिकों की प्रमुख मांगें और मुद्दे
भारतीय मजदूर संघ ने ज्ञापन के जरिए विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को रेखांकित किया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- न्यूनतम वेतन की सुनिश्चितता: सभी श्रमिक वर्गों के लिए सम्मानजनक न्यूनतम वेतन लागू कर उसकी प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए।
- असंगठित क्षेत्र का संरक्षण: नमकीन उद्योग, स्टोन उद्योग और भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े कामगारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ मिले।
- संविदा कर्मियों की सुरक्षा: संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए रोजगार सुरक्षा और शोषण मुक्त कार्य वातावरण तैयार किया जाए।
- स्वास्थ्य एवं कल्याण: कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन।
राष्ट्रहित और श्रमिक हित सर्वोपरि
इस अवसर पर संबोधित करते हुए जिला मंत्री रवि गौतम ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ सदैव ‘राष्ट्रहित, उद्योग हित और श्रमिक हित’ के मूल मंत्र पर कार्य करता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “आज का यह प्रदर्शन सरकार को श्रमिकों की पीड़ा से अवगत कराने का एक माध्यम है। यदि सरकार ने इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए विवश होगा।”
संगठित संघर्ष का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर एक साथ दी गई यह दस्तक इस बात का प्रमाण है कि श्रमिक वर्ग अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुका है और किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ता अवधेश मिश्रा, ब्रिजेशकांत शर्मा, असंगठित क्षेत्र संभाग प्रभारी चेतन गोड, नमकीन संघ से परमानंद वैष्णव, अशोक नागर, स्टोन शिपर्स से राजेश पराशर, मेघराज नागर और भवन निर्माण क्षेत्र से मोहम्मद हुसैन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भारतीय मजदूर संघ, जिला कोटा ने स्पष्ट किया कि जब तक अंतिम छोर पर बैठे श्रमिक को उसका अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।