गणपत चौहान
रायपुर | 30 अप्रैल, 2026
प्रदेश की विष्णु देव सरकार ‘हर हाथ को काम, हर काम का उचित दाम और हर पेट को अन्न’ के संकल्प के साथ श्रमिकों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में श्रम कल्याण हेतु 256 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच को धरातल पर उतारते हुए विभाग हर हाथ को काम उपलब्ध कराने की दिशा में प्रतिबद्ध है।
प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं और छात्रवृत्ति
श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों और परिवारों के भविष्य को संवारने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
शिक्षा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना और मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना।
सहायता योजनाएं: मिनीमाता महतारी जतन योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना।
बुनियादी सुविधाएं: निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क गणवेश, पुस्तक-कॉपी हेतु सहायता राशि और उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना।
आवास योजना: मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना।
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि प्रदेश के श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म और पौष्टिक भोजन (दाल, चावल, सब्जी, आचार) उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान में 38 भोजन केंद्र संचालित हैं। सरकार की नीति के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है।
सहायता राशि में भारी बढ़ोतरी
श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय लिए हैं:
आवास सहायता: श्रमिक आवास के लिए मिलने वाली राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है।
ई-रिक्शा सहायता: ई-रिक्शा खरीदने हेतु दी जाने वाली अनुदान राशि भी 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की जाएगी।
उपकर (सेस) संग्रहण और उपयोग
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। मंडल द्वारा कुल 26 योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 में उपकर (सेस) के माध्यम से 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
मंडल के गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ, जिसमें से मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान
श्रमिकों की औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं (ESI) के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिजनों को चिकित्सा लाभ देने के लिए सरकार ने 76 करोड़ 38 लाख रुपये आवंटित किए हैं।