जयपुर/ गौरव कोचर/राजस्थान में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए जयपुर और अलवर जिलों में सघन छापेमारी की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशों के तहत संचालित “शुद्ध आहार–मिलावट पर वार” अभियान के तहत 2,865 किलोग्राम दूषित मिठाइयां नष्ट करवाई गईं तथा 10,070 किलोग्राम संदिग्ध मसाले जब्त किए गए।
प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह व संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के सुपरविजन में विभिन्न टीमों ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
जयपुर: सड़ी मिठाइयों में मिले कीड़े, एसिड के पास रखा था खाद्य सामान
जयपुर जिले में दो अलग-अलग निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए कुल 2,865 किलो मिठाई नष्ट की गई:
- सांगानेर (असावाला): शंकर लाल मावा वाले एण्ड केटर्स प्रा. लि. के कारखाने में निरीक्षण के दौरान 107 जंग लगे टीनों में करीब 1,605 किलो सड़ी व दुर्गंधयुक्त मिठाई बरामद हुई। जांच में चाशनी में कीड़े पाए गए, परिसर में भारी गंदगी थी और खाद्य सामग्री के बेहद नजदीक एसिड के कैन रखे मिले। टीम ने तत्काल पूरी सामग्री नष्ट करवाकर मावा और काजू कतली के नमूने जांच हेतु लिए।
- बगरू (ग्राम घेघा): ‘श्री श्याम स्वीट एवं मिल्क केक’ इकाई पर बिना वैध खाद्य लाइसेंस के निर्माण कार्य चलता पाया गया। मौके पर टीम ने लगभग 1,260 किलो दूषित मिल्क केक और डोडा बर्फी को नष्ट करवाकर अवैध निर्माण कार्य तुरंत बंद करवाया।
अलवर: 10,070 किलो मसाले सीज, बैच रिकॉल के निर्देश
अलवर के एमआईए क्षेत्र स्थित ‘सप्तऋषि गोल्ड स्पाइसेज’ फर्म पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दबिश दी। जांच रिपोर्ट लंबित रहने तक 10,070 किलो मसालों का स्टॉक जब्त किया गया:
- धनिया पाउडर: 4,500 किलो
- हल्दी पाउडर: 3,000 किलो
- मिर्च पाउडर: 2,400 किलो
- मिश्रित मसाले: 170 किलो
फर्म से मसालों के कुल 8 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। असुरक्षित पाए गए धनिया पाउडर के विशिष्ट बैच नंबर (AS-159) को बाजार से तत्काल रिकॉल करने के निर्देश दिए गए हैं।
सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के अनुसार, प्रदेश भर की फील्ड टीमों को सघन जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लैब रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित फर्मों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।