शुद्ध आहार मिलावट पर वार: सुमेरपुर में बड़ी कार्रवाई, 8 हजार किलो मिलावटी मसाला जब्त, 7 नमूने लिए गए

पाली: गौरव कोचर 

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राजस्थानभर में मिलावटखोरों के खिलाफ ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान पूरी गति से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को पाली जिले के सुमेरपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लगभग 8 हजार किलोग्राम मिलावटी मसाले जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

​रीको इंडस्ट्रियल एरिया और शीतला चौक पर छापा

​खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में जयपुर मुख्यालय की सेंट्रल टीम और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) पाली की टीम ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गुप्त सूचना के आधार पर सुमेरपुर के रीको इंडस्ट्रियल एरिया और शीतला चौक स्थित गोदाम पर संचालित ‘चामुंडा ट्रेडिंग कंपनी’ पर औचक छापेमारी की गई।

​भारी मात्रा में सीज किए गए ब्रांडेड पैकेट्स

​गोदाम और निर्माण इकाई पर की गई इस कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

    • गोदाम की कार्रवाई: टीम ने गोदाम से ‘सीटीसी’ ब्रांड के 500 ग्राम की पैकेजिंग वाले हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर के नमूने लिए। यहाँ से कुल 4,740 पैकेट्स जब्त किए गए, जिनका कुल वजन 2,370 किलोग्राम है।
    • निर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) की कार्रवाई: इसके साथ ही निर्माण इकाई पर भी छापा मारकर मिर्च पाउडर के 2, हल्दी पाउडर का 1 और धनिया पाउडर का 1 नमूना लिया गया। यहाँ से 5,620 किलोग्राम मिलावटी मसाला सीज किया गया।

कुल कार्रवाई का लेखा-जोखा: विभाग ने दोनों स्थानों से कुल 7 नमूने (सैंपल्स) लिए हैं और कुल मिलाकर लगभग 7,990 किलोग्राम (करीब 8 हजार किलो) संदिग्ध मिलावटी मसाला सीज किया है।

 

​आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़, होगी सख्त कार्रवाई

​मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पाली, डॉ. विकास मारवल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बेहद गंभीर है और बड़े स्तर पर खाद्य पदार्थों में मिलावट कर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का है।

​लीगे गए सभी 7 नमूनों को तुरंत जांच के लिए जयपुर स्थित राज्य केंद्रीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार सख्त कानूनी और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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