शुद्धता और परंपरा का संगम: पीसीएम मसाला ने गढ़ी सफलता की मिसाल

शुद्धता और परंपरा का संगम: पीसीएम मसाला ने गढ़ी सफलता की मिसाल

18 सितम्बर 2025, लोकेंद्र सिंह शेखावत ,टेलीग्राफ टाइम्स ।

जयपुर। अगर ईमानदारी और सच्ची निष्ठा के साथ कोई भी कार्य किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। यह बात पिंक सिटी मिल्स (पीसीएम मसाला) के निदेशक अमित खंडेलवाल और अंकित खंडेलवाल ने व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी की सफलता की नींव ईमानदारी, कड़ी मेहनत और शुद्धता पर टिकी है।

पीसीएम मसाला की कहानी 1969 से शुरू होती है, जब एल. एल. गुप्ता और कृष्ण अवतार खंडेलवाल ने एक छोटी सी दुकान से मसालों के व्यवसाय की शुरुआत की। इसके बाद 1972 में किराए पर कारखाना लेकर पहली पिसाई मशीन लगाई गई और धीरे-धीरे यह यात्रा आगे बढ़ती रही। कंपनी की पहचान उच्च गुणवत्ता और शुद्धता के कारण लगातार मजबूत होती गई।

1987 में झोटवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में पहली फैक्ट्री की स्थापना की गई। इसमें हल्दी, मिर्च, धनिया, सौंफ, अजवाइन और राई जैसे मसालों का उत्पादन शुरू हुआ। आज पीसीएम मसाला 100 से अधिक उत्पादों का निर्माण करता है और यह केवल घरेलू बाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, जापान, दुबई, रोमानिया और केरल सहित कई देशों में निर्यात भी हो रहा है।

वर्तमान में झोटवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में कंपनी की तीन फैक्ट्रियां संचालित हैं और निकट भविष्य में एक और अत्याधुनिक फैक्ट्री की स्थापना की योजना है। कंपनी के पास 50 से 55 डिस्ट्रीब्यूटर का नेटवर्क है और बड़े-बड़े ब्रांड जैसे अक्षय पात्र, परले और भीखाराम चौरासी जैसे उत्पादक भी इनके मसालों पर भरोसा करते हैं।

पीसीएम मसाला के मौसमी उत्पादों जैसे चाट मसाला, जलजीरा, पानीपुरी मसाला, आचार मसाला, रायता मसाला और पुदीना पाउडर को उपभोक्ताओं से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। वहीं लहसुन चटनी, मीठी चटनी, आलू मसाला और सूखी ग्रेवी जैसे पिंडी चना, आलू छोले, राजमा, दाल मखनी, पनीर और सांभर जैसे उत्पाद वैश्विक बाजारों में लोकप्रिय हो रहे हैं।

कंपनी की सह-संस्थापक द्रोपती देवी और माया खंडेलवाल ने साझा किया कि पीसीएम मसाला अब होटल, रेस्तरां और कैफे (HoReCa) क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं निधि और सुभ्रा खंडेलवाल भी व्यवसाय के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

कंपनी को एगमार्क, एफसीआई, जीएमपी जैसी मान्यताएं प्राप्त हैं और फैक्ट्री में अत्याधुनिक लैब संचालित हैं, जहां समय पर क्वालिटी की जांच होती है। रिसर्च एंड किचन में 45 से अधिक उत्पादों पर लगातार काम हो रहा है।

पीसीएम मसाला की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि परंपरा और आधुनिक रुझानों का सही संतुलन बनाकर किसी भी ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

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