जयपुर/ गौरव कोचर/जयपुर साउथ की शिप्रापथ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहरण कर फिरौती मांगने वाली शातिर गैंग का महज 6 घंटे के भीतर पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार (RJ18 CG 2579) को जब्त कर लिया है।
जयपुर चौपाटी पर घेराबंदी कर किया अपहरण
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित शहादत खान (27 वर्ष, निवासी दोबड़ा कलां, सवाई माधोपुर) ने 9 अगस्त 2026 को शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 8 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे उनका भाई शफाकत खान अपने दोस्तों फिरोज और अजीज के साथ कैम्पर गाड़ी (HR55 AX 2500) से जयपुर आया था।
शफाकत के परिचित नंदकिशोर उर्फ नंदू ने चाय पीने के बहाने उन्हें जयपुर चौपाटी (शिप्रापथ) पर बुलाया। वहां नंदू पहले से ही अपने 10-15 साथियों और दो गाड़ियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से खड़ा था। तीनों के पहुंचते ही आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी और जबरन स्विफ्ट कार में डालकर ले गए।
जंगल में छोड़कर मांगे ₹1.54 लाख, फिरौती नहीं देने पर दी जान से मारने की धमकी
बदमाशों ने फिरोज से ₹15,000 नकद और अजीज से ₹3,400 फोन-पे के जरिए ट्रांसफर करवाए। इसके बाद फिरोज व अजीज को मुहाना के पास सुनसान जंगल में छोड़ दिया, लेकिन शफाकत को बंधक बनाकर रातभर घुमाते रहे।
इसके बाद आरोपियों ने शफाकत के भाई से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और उसे छोड़ने के एवज में ₹1 लाख से अधिक फिरौती मांगी। परिजनों ने डर के मारे आरोपियों द्वारा दिए गए खातों में किस्तों में कुल ₹1.54 लाख ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद जब आरोपी शफाकत को छोड़ने में आनाकानी करने लगे और जान से मारने की धमकी दी, तब परिजनों ने तुरंत पुलिस में शरण ली। इस पर पुलिस ने धारा 115(2), 126(2) और 140(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज व टावर लोकेशन से 6 घंटे में दबिश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की टावर लोकेशन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया। पुलिस ने त्वरित दबिश देकर वारदात में शामिल 4 आरोपियों को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
- नंदकिशोर (22 वर्ष) — पुत्र ब्रजमोहन, निवासी ग्राम दौली, थाना डिग्गी मालपुरा, जिला टोंक।
- अभिषेक (22 वर्ष) — पुत्र रामकिशोर, निवासी ग्राम पतलिया, थाना खैरथल, जिला अलवर।
- राहुल सिंह कटेवा (23 वर्ष) — पुत्र रोहिताश कुमार, निवासी वार्ड नं. 10, शिव कॉलोनी, थाना चिड़ावा, जिला झुंझुनूं।
- लोकेश उर्फ लक्की (20 वर्ष) — पुत्र श्योजी राम, निवासी ग्राम चौसला, थाना नावां, जिला नागौर।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त मानसरोवर हेमेन्द्र शर्मा के निकट सुपरविजन में गठित टीम:
पुलिस टीम: हितेश शर्मा (थानाधिकारी, शिप्रापथ), बच्चू सिंह (सहायक उप-निरीक्षक), राजेश (हेड कांस्टेबल 496), लोकेश कुमार (हेड कांस्टेबल 634, साइबर सेल – विशेष भूमिका), मंगलज (कांस्टेबल 9867 – विशेष भूमिका), छोटूराम (कांस्टेबल 10424 – विशेष भूमिका), सवाई सिंह (कांस्टेबल 3026), रोशन (कांस्टेबल 9207), और बजरंग (कांस्टेबल 10061)।