गौरव कोचर
जयपुर। जयपुर दक्षिण की शिप्रापथ थाना पुलिस ने वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शिप्रा हाउस बैंक्वेट हॉल मैरिज गार्डन में जेसीबी से तोड़फोड़ करने और लाखों रुपये का सामान लूटने के मामले में पिछले 6 महीने से फरार चल रहे शातिर आरोपी लेखराज मीणा उर्फ एल. आर. को गिरफ्तार कर लिया है। इस दुस्साहसिक वारदात में शामिल गैंग के 7 आरोपी पहले ही सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।
गिरफ्तार आरोपी लेखराज मीणा आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ जयपुर शहर के विभिन्न थानों में मारपीट और लूटपाट के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्या था पूरा मामला?
राजर्षि राज (आईपीएस), पुलिस उपायुक्त दक्षिण जयपुर के अनुसार, परिवादी सुरेश नरूला (61) पुत्र लक्ष्मीनारायण नरूला (निवासी आदर्श नगर, जयपुर) ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका मानसरोवर के शिप्रापथ में स्थित ‘शिप्रा बैंक्वेट हॉल’ उनके परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन है।
दिनांक 03.02.2026 को शाम करीब 5 बजे, जब परिवादी अपनी पत्नी के साथ किसी आवश्यक कार्य से बस्सी गए हुए थे, तब पड़ोसियों ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि 50 से 60 लोग जेसीबी लेकर मैरिज गार्डन में घुस गए हैं और वहां जमकर तोड़फोड़ व लूटपाट कर रहे हैं। सूचना मिलते ही परिवादी ने 100 नंबर पर पुलिस को इत्तला दी, लेकिन तब तक आरोपियों ने पूरे परिसर को तहस-नहस कर दिया।
लूट के सामान की सूची:
- नकद राशि: ₹1,500,000 (डेढ़ लाख रुपये)
- इलेक्ट्रॉनिक्स व उपकरण: 20 एसी, 150 ट्यूबलाइट, लाइट के तारों के 50 बंडल, 2 वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर और कटर।
- फर्नीचर व टेंट: 500 कुर्सियां, 350 सोफे, 300 कैटरिंग टेबल, 100 टीन रोड, लोहे के पाइप, टेंट और फूलों का भारी सामान।
- घरेलू व अन्य सामान: 500 बिस्तर, 185 बेडशीट, 80 भगोने, 40 भट्टियां, 10 झूले, 20 गैस सिलेंडर और ऑफिस के महत्वपूर्ण दस्तावेज।
सीसीटीवी कैमरों की जांच में वारदात में इस्तेमाल की गई जेसीबी का नंबर RJ-14-EA-4598 सामने आया। इस रिपोर्ट पर शिप्रापथ थाने में प्रकरण संख्या 91/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं 189(2), 331(3), 305(ए), 329(3) और 324(5) में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।
इस तरह पुलिस टीम ने दबोचा
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज के आदेशानुसार, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित कुमार शर्मा के निर्देशन व सहायक पुलिस आयुक्त (मानसरोवर) हेमेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित पुलिस टीम: महेंद्र सिंह पु.नि. थानाधिकारी, प्रभास कानि 10647, जयदेव कानि 9282, छोटु राम कानि 10424, मंगलज कानि 9867, सुरेश चौपड़ा कानि 9492 और नारायण कानि 12069 दक्षिण।
घटना के 3 दिन बाद ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 4 आरोपियों को दबोच लिया था। इसके बाद से ही अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। दिनांक 21/06/2026 को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि आरोपी एलआर मीणा जयपुर में ही घूम रहा है। इस पर टीम ने घेराबंदी की और पीछा कर आरोपी को दबोच लिया। इस कार्रवाई में विशेष रूप से स्पेशल टीम के मंगलज कानि 9867, छोटु राम कानि 10424 और जयदेव कानि 9282 की अहम भूमिका रही।
तरीका-ए-वारदात: रील बनाकर देते थे धमकी
पूछताछ में सामने आया कि यह आरोपी एक संगठित गैंग चलाकर जयपुर में मोटी रकम लेकर विवादित जमीनों पर जबरन कब्जा करने का काम करते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद ये अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते थे और सोशल मीडिया पर ‘रील्स’ डालकर आम लोगों व शिकायतकर्ताओं को डराते-धमकाते थे, ताकि कोई भी इनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत न कर सके।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- नाम: लेखराम मीणा उर्फ एल आर मीणा (उम्र 36 वर्ष)
- पिता का नाम: सुरेश चन्द मीणा
- मूल निवासी: ग्राम बलीन, पोस्ट हुरला, तहसील व थाना महवा, जिला दौसा।
- हाल निवासी (किरायेदार): मकान नंबर 1045, मधुवन कॉलोनी, अहिंसा पार्क के पास, थाना बजाज नगर, जयपुर।