शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय चिंतन शिविर का समापन — शिक्षा को नई दिशा देगा चिंतन, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का होगा समन्वय : शिक्षा मंत्री
23 अगस्त 2025, 07:00 PM सुनील शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 23 अगस्त।
मेवाड़ की पावन भूमि राजसमंद में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय ‘चिंतन शिविर’ शनिवार को संपन्न हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सभी सत्रों में मौजूद रहे और प्रस्तुत हर सुझाव को गंभीरता से सुना।
शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक पहल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह चिंतन शिविर शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। यहाँ से निकले निष्कर्ष राजस्थान को देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इसे मूल्य आधारित शिक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह शिविर भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक के समन्वय का अनुपम उदाहरण है।
शिविर में हुए प्रमुख मंथन
शिविर में शिक्षा के विभिन्न आयामों पर गहन चर्चा हुई। इसमें शामिल थे—
- समग्र शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन
- नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्यों और संस्कारों को पाठ्यक्रम में शामिल करना
- विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना और ड्रॉपआउट दर कम करना
- सुरक्षित भवन, स्वच्छ और हरित परिसर
- पोक्सो मामलों पर जागरूकता और तनाव प्रबंधन
- डिजिटल शिक्षा, समावेशी शिक्षा और बालिका शिक्षा को बढ़ावा
कौशल विकास और संस्थागत सुधार
शिविर में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्टेट ओपन स्कूल, राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, पाठ्यपुस्तक मंडल और डाइट जैसे संस्थानों को और सशक्त करने पर विचार हुआ। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, वित्तीय प्रबंधन और लेखा आक्षेपों के समयबद्ध समाधान पर भी सुझाव दिए गए।
शिक्षा मंत्री का संदेश
समापन सत्र में शिक्षा मंत्री ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“यह चिंतन शिविर केवल राजस्थान की शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के समन्वय का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। यहाँ से निकले विचार और सुझाव शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएंगे।”
जनप्रतिनिधियों के विचार
राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। उचित काउंसलिंग और मार्गदर्शन से बच्चों को उनकी रुचि के क्षेत्र में सफल करियर की ओर प्रेरित किया जा सकता है।
विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए अपने सुझाव रखे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विशेषज्ञ, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।