शिक्षा में मानवीय मूल्यों के समावेश से ही समाज होगा उन्नत – दिलावर
10 नवम्बर 2025, नरेश गुनानी
जयपुर, 9 नवम्बर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं मूल्यों से समाज उन्नत और प्रगतिशील बनता है। राजस्थान सरकार इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है और शीघ्र ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने रविवार को अजमेर में शिक्षा विभाग के प्राचार्यों की आमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला राजस्थान के इतिहास में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा विभाग में पहली बार इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से मानवीय मूल्यों का समावेश करना है।
दिलावर ने कहा कि मैं गुरुओं में गुरू वशिष्ठ, समर्थ रामदास और रामकृष्ण परमहंस जैसे महापुरुषों के दर्शन कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि हम श्रीराम, शिवाजी और विवेकानंद जैसे नागरिक तैयार करें, जो देश के प्रति समर्पित हों और जिनके भीतर संस्कार व मानवीय मूल्य हों।
उन्होंने कहा कि शिक्षा अनंत है और हमारे देश ने शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचे शिखर हासिल किए हैं। कई लोगों ने गोल्ड मेडल जीते हैं और देश का नाम रोशन किया है। फिर भी यह देखने को मिलता है कि संकट के समय कुछ शिक्षित लोग गलत पक्ष में खड़े हो जाते हैं, जबकि कम शिक्षित लोग देशहित में आगे आते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ में मानवीय मूल्य हैं और कुछ में नहीं। इसलिए आज की शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षा मंत्री ने प्राचार्यों और उपस्थित जनों से आग्रह किया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला में जो ज्ञान और अनुभव प्राप्त हुआ है, उसे स्वयं आत्मसात करें और छात्रों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी शिक्षा देनी होगी जिसमें मानवीय मूल्य और संस्कार हों। जब समाज में अच्छे नागरिक तैयार होंगे तो देश में कोई भारत माता का अपमान नहीं करेगा, कोई व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा और कोई बेटा अपनी मां को वृद्धाश्रम नहीं भेजेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा में मानवीय मूल्यों के समावेश की शुरुआत इसी कार्यशाला से की है, जो वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री के ओएसडी सतीश कुमार गुप्ता, एनसीयूएचबी एआईसीटीई नई दिल्ली के चेयरमैन प्रो. एस.डी. चारण, यूपी इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन के डायरेक्टर डॉ. कुमार सम्भव, आनंद विभाग मध्यप्रदेश शासन के डायरेक्टर सत्यप्रकाश, यूएचबीएसआईटी फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन राजुल अस्थाना, शिक्षा विभाग अजमेर संभाग के संयुक्त निदेशक अनिल कुमार शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी जय नारायण और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।

