शिक्षा मंदिरों में पारदर्शिता अनिवार्य : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
जयपुर, 15 सितम्बर 2025। रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर। संपादन नरेश गुनानी। टेलीग्राफ टाइम्स।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के शिक्षकों और अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अनुसंधान के माध्यम से समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं की पूर्ति करनी चाहिए तथा विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान सुनिश्चित करना चाहिए।

राज्यपाल ने शोध कार्यों में भारतीयता के समावेश, हर वर्ष दिसंबर से पूर्व दीक्षांत समारोह के आयोजन और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियों की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए ताकि वे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित हो सकें।
इसके साथ ही, कॉलेजों व महाविद्यालयों में पेयजल, शौचालय और भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंदिरों में आर्थिक शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि यही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का आधार है।