शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु बनेगा 44वाँ इंडस्ट्री-अकादमिया इंटरफेस: जयपुर में राष्ट्र निर्माण पर मंथन

रिपोर्ट योगेश शर्मा 

जयपुर। राजस्थान की राजधानी में शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। सीतापुरा स्थित ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GIT) के कैंपस में 44वें राष्ट्रीय स्तर के ‘इंडस्ट्री-अकादमिया इंटरफेस’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, भारद्वाज फाउंडेशन जयपुर, रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3056 और जीआईटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

​इस गरिमामय आयोजन का मुख्य उद्देश्य सैद्धांतिक शिक्षा और उद्योगों की व्यावहारिक आवश्यकताओं के बीच के अंतर को पाटकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प को गति देना था।

प्रमुख व्यक्तित्व और संबोधन

​कार्यक्रम के संयोजक और विख्यात मैनेजमेंट गुरु रोटेरियन डॉ. पी. एम. भारद्वाज (संस्थापक अध्यक्ष, भारद्वाज फाउंडेशन) ने अतिथियों का स्वागत किया। भारत सरकार के चार सार्वजनिक उपक्रमों में सीएमडी रह चुके डॉ. भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच सतत संवाद अनिवार्य है।

​इस अवसर पर डॉ. डी. पी. शर्मा (इंटरनेशनल डिजिटल डिप्लोमेट एवं लीड ऑथर, यूनेस्को) ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर अपना विशेष उद्बोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

​”रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) केवल उद्योगों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि शिक्षण संस्थानों को इसमें सक्रिय सहभागी बनना होगा। सरकारी और निजी उपक्रमों के बीच मौजूद ऊंच-नीच की भावना को त्यागकर जब हम साथ आएंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।”

 

सामाजिक चेतना की शपथ

​कार्यक्रम के दौरान डॉ. भारद्वाज ने ब्रांड एम्बेसडर डॉ. डी. पी. शर्मा की उपस्थिति में उपस्थित जनसमूह को एक विशेष शपथ दिलवाई। इसमें स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने, यातायात नियमों का पालन करने और केवल डिग्री वाली शिक्षा नहीं, बल्कि सच्ची विद्या ग्रहण करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

एक अनूठी उपलब्धि: देश का पहला एनजीओ

​कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई कि भारद्वाज फाउंडेशन, जयपुर देश का ऐसा पहला एनजीओ बन गया है जिसने इतने व्यापक स्तर पर 44 इंडस्ट्री-अकादमिया इंटरफेस कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। इससे पूर्व यह श्रृंखला मणिपाल यूनिवर्सिटी, एमएनआईटी जयपुर, और एआईसीटीई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित की जा चुकी है। अब इसे रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर द्वारा ‘डिस्ट्रिक्ट-लेवल नेशन बिल्डिंग प्रोग्राम’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।

विशेषज्ञों का मंथन और सुझाव

​कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने अपने विचार साझा किए:

  • डॉ. के. एल. जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
  • डॉ. सीताराम गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण और शिवा गौड़ ने स्टार्टअप्स के भविष्य पर प्रेरणादायक जानकारी दी।
  • रोटेरियन प्रज्ञा मेहता (डिस्ट्रिक्ट गवर्नर) ने इस पहल को राष्ट्र निर्माण के लिए मील का पत्थर बताया।
  • ​उद्योग विशेषज्ञों ने इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित शिक्षण को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया।

उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी

​इस इंटरफेस में राजस्थान की प्रमुख कंपनियों के एचआर प्रमुखों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख हैं:

  • ​राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (REIL)
  • ​केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड
  • ​जीनस इन्फ्रास्ट्रक्चर
  • ​वोडाफोन आइडिया लिमिटेड
  • ​ग्रेविटा इंटरनेशनल

समापन:

कार्यक्रम के अंत में जीआईटी के डायरेक्टर नमन कंदोई ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में लगभग 400 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने उद्योग जगत की बारीकियों को समझा। यह आयोजन संवाद, सहयोग और कौशल विकास की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हुआ।

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