शिक्षा और उद्योग के बीच नई पहल: पूर्णिमा यूनिवर्सिटी और एचजी इंफ्रा के बीच एमओयू, विद्यार्थियों को मिलेंगे करियर के नए अवसर

योगेश शर्मा 

जयपुर। शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान से लैस करने की दिशा में जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी ने एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने देश की प्रतिष्ठित बुनियादी ढांचा कंपनी एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (HG Infra Engineering Ltd.) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कौशल विकास और इंटर्नशिप पर रहेगा जोर

​इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण का अनुभव प्रदान करना है। इस एमओयू के तहत विद्यार्थियों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:

  • इंडस्ट्री एक्सपोजर: कंपनी के प्रोजेक्ट्स और कार्यप्रणाली को समझने का मौका।
  • विशेष प्रशिक्षण: विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकी दक्षताओं का प्रशिक्षण।
  • इंटर्नशिप और प्लेसमेंट: इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास कर बेहतर करियर विकल्प।

दिग्गजों की उपस्थिति में हुआ करार

​एमओयू के दौरान एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड की ओर से वरिष्ठ सलाहकार मंजुल माथुर, एजीएम (लर्निंग एंड डेवलपमेंट) विजेंद्र सिंह, पंकज और रितिका उपस्थित रहे। वहीं, पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की ओर से प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मनोज गुप्ता, डीन एफईटी डॉ. अंकुश जैन और सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक प्रजापत ने सहभागिता की। डॉ. आशीष सोलंकी को इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए ‘सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट’ (SPOC) नियुक्त किया गया है।

विशेषज्ञों का संबोधन: “भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हों छात्र”

​कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. अंकुश जैन ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

​एचजी इंफ्रा के एजीएम विजेंद्र सिंह ने वर्तमान दौर में तकनीक की बदलती मांग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ ‘ऑन-फील्ड’ कौशल ही भविष्य की सफलता की कुंजी है। वरिष्ठ सलाहकार मंजुल माथुर ने भी विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को ढालने का संदेश दिया।

रोजगार और कौशल विकास का नया मार्ग

​पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मनोज गुप्ता ने इस सहयोग को ऐतिहासिक बताते हुए कहा:

​”उद्योग और शिक्षण संस्थानों का साथ आना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह एमओयू न केवल हमारे विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाएगा, बल्कि उनके लिए रोजगार और करियर विकास के नए द्वार भी खोलेगा।”

 

​कार्यक्रम का सफल संचालन ऐश्वर्या द्वारा किया गया। इस समझौते के बाद विश्वविद्यालय के छात्र अब सीधे तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की बड़ी बारीकियों को एचजी इंफ्रा के विशेषज्ञों के सानिध्य में सीख सकेंगे।

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