शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बावड़ी क्षेत्र के गांवों का औचक निरीक्षण कर ग्रामीणों से सफाई व्यवस्था का फीडबैक लिया और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के सख्त निर्देश दिए।

जोधपुर/नरेश गुनानी/राजस्थान के शिक्षा (विद्यालयी/संस्कृत) एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। जोधपुर से बिराई गांव जाते समय मंत्री ने बावड़ी पंचायत समिति क्षेत्र के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज इंसपेक्शन) किया। इस दौरान उन्होंने न केवल जमीनी हकीकत देखी, बल्कि सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सफाई और कचरा संग्रहण व्यवस्था का फीडबैक भी लिया।

​मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​1. भवात गांव में औचक निरीक्षण: ग्रामीणों से सीधा संवाद

​दिलावर ने अपने निरीक्षण अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत भवात से की। उन्होंने गांव के सार्वजनिक स्थानों, मुख्य मार्गों और रिहाइशी इलाकों का पैदल घूमकर जायजा लिया।

  • सीधा फीडबैक: मंत्री ने ग्रामीणों से पूछा, “क्या सफाईकर्मी रोज आते हैं? क्या घरों और गलियों से कचरा तय समय पर उठाया जा रहा है?”
  • दिशानिर्देश: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे का केवल एकत्रीकरण ही काफी नहीं है, बल्कि उसका समयबद्ध और सुरक्षित निस्तारण (Disposal) भी बेहद जरूरी है।

​2. गंगाणी में रुके मंत्री: नियमित निगरानी के निर्देश

​इसके बाद पंचायती राज मंत्री का काफिला ग्राम पंचायत गंगाणी पहुंचा। यहाँ भी उन्होंने सफाई व्यवस्था की हकीकत जांची। ग्रामीणों से बातचीत के बाद उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में हिदायत दी।

  • कचरा डिपो बर्दाश्त नहीं: मुख्य मार्गों और आबादी वाले क्षेत्रों में कचरे के ढेर नजर नहीं आने चाहिए।
  • लापरवाही पर होगी कार्रवाई: सफाई कार्य की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कचरा संग्रहण की गाड़ी हर गली तक पहुंचे।

​3. सेवकी कलां में व्यवस्थाएं जांची: जवाबदेही तय करने के आदेश

​सफाई निरीक्षण की कड़ी में मंत्री ने ग्राम सेवकी कलां का भी रुख किया। यहाँ उन्होंने सफाईकर्मियों की उपस्थिति और फील्ड में उनके काम की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।

मंत्री की दो टूक: “सफाईकर्मियों की उपस्थिति और उनके कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। गांवों से जो भी कचरा इकट्ठा हो रहा है, उसे ऐसे ही कहीं भी फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर समुचित तरीके से डिस्पोज किया जाए।”

 

​ग्राम पंचायतों के लिए मंत्री के कड़े निर्देश (Key Directives)

​स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी और परिणामपरक बनाने के लिए पंचायती राज मंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों के लिए एक गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए हैं:

  • एक्शन प्लान: हर ग्राम पंचायत अपने क्षेत्र के लिए सफाई की एक स्पष्ट और व्यावहारिक कार्ययोजना (Action Plan) बनाए।
  • संवेदनशील क्षेत्रों पर ध्यान: गांवों की गलियों, सार्वजनिक स्थलों, सरकारी विद्यालयों के आसपास और प्रमुख आवागमन मार्गों पर विशेष सफाई रखी जाए।
  • औपचारिकता नहीं चलेगी: कचरा संग्रहण का काम सिर्फ कागजों या औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रतिदिन निर्धारित समय पर कचरा उठाकर उसका वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जाए।
  • जलभराव से मुक्ति: गांवों में नालियों की नियमित सफाई की जाए ताकि कहीं भी गंदे पानी और कीचड़ का जमाव न हो, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा टल सके।

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