| गौरव कोचर
जयपुर। राजधानी के शास्त्रीनगर थाना इलाके में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतका के मित्र और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने न केवल हत्या की वारदात को अंजाम दिया, बल्कि सबूत मिटाने के लिए फर्श धोया और शव को कट्टे में भरकर पड़ोसी के घर में फेंक दिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए घटनास्थल पर जुटी भीड़ में शामिल होकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
कट्टे में मिली थी लाश
घटना 23 दिसंबर 2025 की सुबह की है, जब सुभाष कॉलोनी निवासी मुन्नी देवी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर के गलियारे में एक संदिग्ध कट्टा पड़ा है, जिसमें किसी की लाश है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की और धारा 103(1) व 238(क) BNS के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही और तकनीक का कमाल
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल और स्पेशल आयुक्त (ऑपरेशन) राहुल प्रकाश के निर्देशों पर पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर मृतका की पहचान बबिता शर्मा के रूप में की। इसके बाद कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतू (36) को उसके फरार होने से पहले ही दबोच लिया।
पैसों का विवाद और खौफनाक साजिश
पूछताछ में आरोपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि वह और बबिता शर्मा मित्र थे और उनके बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।
- योजनाबद्ध हत्या: आरोपी ने अपने एक पुराने घर (जो वह बेच चुका था पर चाबी उसके पास थी) में बबिता को बुलाया और धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
- साक्ष्यों को नष्ट करना: हत्या के बाद आरोपी ने फर्श को कई बार धोया और खून से सने कपड़े नाले में फेंक दिए।
- शव ठिकाने लगाने की कोशिश: करीब 30 घंटे तक आरोपी लाश को कट्टे में पैक कर ठिकाने लगाने की फिराक में घूमता रहा। अंततः रात 2:30 बजे मौका पाकर उसने शव को पड़ोसी के खुले घर में फेंक दिया। उसे लगा था कि मकान बिक चुका है, इसलिए कोई उस पर शक नहीं करेगा।
कार्यवाही में शामिल पुलिस टीम
इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने वाली टीम में हिम्मत सिंह (थानाधिकारी), विजेन्द्र सिंह (उ.नि.), मोहित सिंह (उ.नि.), हरिओम (उ.नि.), प्रकाशचन्द (सउनि), कैलाशचन्द (हैडकानि 555), जयप्रकाश सिंह (हैडकानि 495), रणधीर कुमार (हैडकानि 1407), संजय कुमार (कानि 9870), मामराज (कानि 3603), प्रदीप कुमार (कानि 8628), राजेश (कानि 11754), राजेन्द्र (कानि 3644), रामौतार (कानि चालक 5902), नरसिंह (कानि 3551), रविराज (कानि 11478), रामलाल (कानि 5974) एवं संपूर्ण जिला विशेष टीम जयपुर उत्तर शामिल रही।
विशेष भूमिका: मुल्जिम की पहचान और उसकी गिरफ्तारी में कानिस्टेबल मामराज (3603) की मुख्य भूमिका रही।