जयपुर, 1 जुलाई 2026 / गौरव कोचर /राज्य सरकार द्वारा आमजन को त्वरित राहत प्रदान करने और लोक सेवाओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ अंतिम छोर तक पहुँचाने के संकल्प के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में वित्त (राजस्व) विभाग के शासन सचिव कुमार पाल गौतम ने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आबकारी, पंजीयन एवं मुद्रांक (रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प) तथा वाणिज्यिक कर विभाग से जुड़े आमजन के मामलों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आमजन के चेहरे पर मुस्कान लाने का जरिया है ‘181 पोर्टल’
शासन सचिव कुमार पाल गौतम ने राजस्थान संपर्क पोर्टल को सरकार और जनता के बीच की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील रुख अपनाने की हिदायत देते हुए कहा:
”181 पोर्टल केवल शिकायतें दर्ज करने या उन्हें सुनने भर का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आमजन की समस्याओं को दूर कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का एक सशक्त जरिया है। इसे प्रशासनिक सुधार के एक सकारात्मक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।”
इन प्रमुख मामलों में प्रक्रियाओं के सरलीकरण के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान शासन सचिव ने राजस्व और कर से जुड़े कई तकनीकी व व्यावहारिक मामलों में नियमों को सरल बनाने पर जोर दिया ताकि आम नागरिक को बेवजह परेशान न होना पड़े:
- जीएसटी और कर निर्धारण: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और कर निर्धारण (Tax Assessment) से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया जाए।
- लाइसेंस नवीनीकरण: स्टाम्प वेंडर्स के लाइसेंस रिन्यूअल (नवीनीकरण) की प्रक्रिया को सुगम किया जाए ताकि उनके कार्यों में देरी न हो।
- लंबित वित्तीय रिफंड: विभिन्न विभागों में अटके या लंबित वित्तीय रिफंड के मामलों को गति दी जाए और समय पर रिफंड सुनिश्चित हो।
- आबकारी मामलों पर सख्त रुख: आबकारी नियमों के उल्लंघन या शराब की दुकानों पर तय कीमत से अधिक मूल्य वसूली (ओवररेटिंग) की शिकायतों पर अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल और सख्त निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री की पहल: सीधे संवाद से मिल रहा त्वरित समाधान
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष निर्देशानुसार राज्य में लोक शिकायतों के निवारण के लिए यह अनूठी व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत:
- सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर स्वयं राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कंट्रोल रूम में उपस्थित रहते हैं।
- अधिकारी सीधे परिवादियों (शिकायतकर्ताओं) से फोन पर संवाद कर उनकी समस्याएं सुनते हैं।
- इस सीधी निगरानी व्यवस्था के कारण नागरिकों को घर बैठे ही अपनी शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान मिल रहा है।
इस निरीक्षण के दौरान वित्त और राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहित सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विंग के तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पोर्टल की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर तकनीकी इनपुट साझा किए।