शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी का जोधपुर दौरा – किसानों की आय बढ़ाने के लिए मार्केट इंटेलिजेंस अपनाना जरूरी
28 अगस्त 2025, 05:24 PM नरेश गुनानी। टेलीग्राफ टाइम्स
जोधपुर, 28 अगस्त। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने गुरुवार को जोधपुर में भारत सरकार द्वारा निर्मित मसाला पार्क, रामपुरा मथानियां, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर, केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) और अतुल राजस्थान डेवलपमेंट परियोजना, चौपासनी का दौरा किया। उन्होंने टिश्यू कल्चर के माध्यम से खजूर के पौधे तैयार करने वाली प्रयोगशाला का अवलोकन भी किया।

शासन सचिव ने मसाला पार्क मथानियां के विकास एवं कार्ययोजना की जानकारी ली और मसाला केंद्र को और अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार की कृषि नीति, कृषि प्रसंस्करण प्रोत्साहन एवं निर्यात नीति के तहत अनुदानित इकाइयों का निरीक्षण किया और वहां निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया। साथ ही प्रस्तावित मेगा फूड पार्क मथानियां के लिए आवंटित 300 बीघा भूमि का भी अवलोकन किया और भविष्य की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
किसानों की आय बढ़ाने में तकनीक और बाजार की भूमिका
राजन विशाल ने कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के भ्रमण के दौरान कहा कि जब तक उन्नत और आधुनिक कृषि तकनीक किसानों के खेतों तक नहीं पहुंचेगी और किसान उसका लाभ नहीं ले पाएंगे, तब तक वैज्ञानिक अनुसंधान का कोई वास्तविक फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नई कृषि तकनीक की सफलता तभी है जब वह किसानों की आय बढ़ाने में कारगर सिद्ध हो। उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मार्केट इंटेलिजेंस को अपनाना होगा और कृषि वैज्ञानिकों को पेटेंट पर भी ध्यान देना चाहिए।

काजरी संस्थान का अवलोकन
शासन सचिव ने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) में चल रहे शोध कार्यों और किसानों के लिए विकसित की जा रही फसलों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद पौधशाला, क्रॉप कैफेटेरिया, सौर ऊर्जा प्रांगण, कृषि वोल्टिक प्रणाली और उद्यानिकी क्षेत्र का भ्रमण किया। यहां उन्होंने बेर, आंवला, अनार और खजूर (एडीपी-1) जैसी फसलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
काजरी में चर्चा के दौरान उन्होंने खाद्य तिलहन फसलों जैसे तिल, अरंडी, मूंगफली आदि के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ाकर सीड हब स्थापित करने और राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन के अंतर्गत किसानों तक बीज पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान को विभागीय समन्वय के साथ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि कृषि विकास को गति मिल सके।
खजूर उत्पादन को बढ़ावा
चौपासनी स्थित अतुल राजस्थान डेवलपमेंट परियोजना में टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का निरीक्षण करते हुए उन्होंने प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रयोगशाला की पूर्ण क्षमता का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाले खजूर पौधे तैयार किए जाएं और किसानों को उपलब्ध कराए जाएं।
इसके बाद काजरी संस्थान में खजूर की नई किस्म के बगीचे का अवलोकन किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी जर्क की बैठक में कृषि वैज्ञानिकों और विस्तार अधिकारियों के साथ चर्चा कर इस किस्म के नोटिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही किसानों को अधिक से अधिक क्षेत्र में खजूर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी चिन्मयी गोपाल तथा विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
