यूसुफ खान की भपंग वादन प्रस्तुति ने बांधा समां; कला और संस्कृति प्रेमियों ने लिया भरपूर आनंद
रिपोर्ट योगेश शर्मा | जयपुर
जयपुर (विशेष संवाददाता)। गुलाबी नगरी की कला और संस्कृति को समर्पित प्रसिद्ध मंच ‘शाम-ए-शब्द’ द्वारा शहर में एक भव्य और रंगारंग सामाजिक कार्यक्रम ‘खम्मा घणी, मस्ती घणी’ का सफल आयोजन किया गया। पूर्ण रूप से राजस्थानी थीम पर आधारित इस संध्या में राजस्थानी संस्कृति, संगीत और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी आकर्षण प्रसिद्ध भपंग म्यूजिकल ग्रुप के जाने-माने कलाकार यूसुफ खान की शानदार प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी पारंपरिक भपंग वादन कला से ऐसा समां बांधा कि पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कला और कलाकारों को समर्पित मंच: शाम-ए-शब्द
’शाम-ए-शब्द’ एक ऐसा अभिनव मंच है जो स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह संस्था हर महीने अलग-अलग रचनात्मक थीम्स पर कार्यक्रमों का आयोजन करती है, जहाँ संगीत, कविता, नृत्य और विविध कला रूपों का सुंदर समागम देखने को मिलता है।
वर्तमान में इस मंच से 80 से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारना और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
मजबूत नेतृत्व और मार्गदर्शन
इस सांस्कृतिक पहल की नींव दीपा माथुर, अभिषेक मिश्रा, वरुण भंसाली और निखिल कपूर द्वारा रखी गई है।
कार्यक्रम के सफल संचालन और मार्गदर्शन में दिग्गजों की अहम भूमिका रही:
- सलाहकार: कमला पोद्दार एवं विनोद भारद्वाज
- लीडरशिप टीम: रेशमा खान, चेतना शर्मा और पुष्पेंद्र उपाध्याय
प्रायोजकों का रहा विशेष सहयोग
इस आयोजन को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाने में कॉर्पोरेट और डिज़ाइन जगत का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम को ‘परिवर्ल्ड’ (लाइव एवं आर्टिफिशियल प्लांट कंपनी) तथा ‘शैलेन्द्र सिंह डिज़ाइनस’ का विशेष सहयोग (Sponsorship) प्राप्त हुआ। उनके सहयोग से आयोजन की भव्यता में चार चांद लग गए।
जीवंत मंच संचालन और दर्शकों का उत्साह
इस मनमोहक संध्या का संचालन पुष्पेंद्र और चेतनम ने अपने सुरीले और आकर्षक अंदाज़ में किया। उनकी चुटीली और ऊर्जावान एंकरिंग ने पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह बनाए रखा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों, अतिथियों और कला प्रेमियों ने राजस्थानी परिधानों, संगीत और संस्कृति से सजी इस शाम का जमकर लुत्फ उठाया। ‘खम्मा घणी, मस्ती घणी’ कार्यक्रम ने जयपुरवासियों के दिलों में एक खास जगह बना ली है, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी।