शर्मनाक हरकत: जोधपुर के सरकारी अस्पताल में MRI से पहले कपड़े बदल रही महिला का गार्ड ने बनाया वीडियो, गिरफ्तार
Edited By: गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 27, 2025
जोधपुर, राजस्थान – शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल मथुरादास माथुर हॉस्पिटल (MDM) में एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी है। न्यूरो वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज के साथ एमआरआई सेंटर में जो हुआ, वह किसी भी संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले अस्पताल परिसर के लिए कलंक है।
एमआरआई सेंटर में महिला की निजता का उल्लंघन
घटना सोमवार रात की है। न्यूरो वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज अपनी चिकित्सकीय जांच (MRI) के लिए निर्धारित समय पर सेंटर पहुंची थी। वहां जांच से पूर्व वह जैसे ही चेंजिंग रूम में कपड़े बदलने लगी, तभी ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड रहीमुद्दीन ने बेहद आपत्तिजनक कृत्य को अंजाम दिया।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी गार्ड ने पहले से ही मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में ऑन कर चेंजिंग रूम में छिपाकर रख दिया था। जैसे ही महिला की नजर उस मोबाइल पर पड़ी, उसने तत्काल शोर मचाया। महिला की आवाज सुनकर अन्य अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचे और पूरी घटना का खुलासा हुआ।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी से जवान मौके पर पहुंचे और आरोपी गार्ड रहीमुद्दीन को हिरासत में लेकर शास्त्री नगर थाने ले गए।
पीड़िता के भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें उन्होंने बताया कि यह घिनौना कृत्य उस समय हुआ जब उनकी बहन एमआरआई की प्रक्रिया के लिए कपड़े बदल रही थी।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ शांति भंग की धारा में गिरफ्तारी की गई है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और डिवाइस की फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी पर आईपीसी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन और ठेका एजेंसी पर भी सवाल
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में तैनात सुरक्षा गार्ड ठेका पद्धति से लगाए जाते हैं। सवाल यह है कि क्या इन गार्ड्स का कोई पुलिस सत्यापन या प्रशिक्षण हुआ था? अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को लेकर अब आमजन और मरीजों में भारी आक्रोश है।
महिला सुरक्षा को लेकर गहराया संकट
इस घटना के बाद महिला मरीजों में डर और असुरक्षा का माहौल है। अस्पताल जैसे स्थान, जहां मरीज को इलाज और सम्मान की उम्मीद होती है, वहां ऐसी घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज की नैतिकता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
आम जनता की मांग है कि—
- आरोपी को सख्त सजा मिले
- ठेका एजेंसी की जवाबदेही तय हो
- अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हो
- महिला मरीजों के लिए अधिक संवेदनशील इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं

