दिव्या तिवाड़ी
कोटा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कोटा जिले के किशोर सागर स्थित सेवन वंडर्स पार्क में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का जिला स्तरीय समापन समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने की। इस दौरान जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भामाशाहों एवं प्रबुद्ध नागरिकों को ‘जल गौरव सम्मान’ से नवाजा गया। कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री ने उपस्थित कोटा वासियों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संचयन की शपथ भी दिलवाई।
जल वंदन एवं दीपदान के साथ भव्य शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने किशोर सागर तालाब के घाट पर जल वंदन और दीपदान कर किया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए पूर्व मंत्री एवं अभियान के शहरी क्षेत्र समन्वयक रामगोपाल बैरवा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित रहे। पूरा घाट दीपों की रोशनी और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया।
लोक संस्कृति और जनजागरण का अनूठा संगम
समारोह में नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, चरी नृत्य, महारास और मारवाड़ी बारात की जीवंत प्रस्तुतियों के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व को दर्शाया गया। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने न केवल राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी दिया। विशेष रूप से प्रसिद्ध कलाकार कुमार गंधर्व द्वारा प्रस्तुत भवाई नृत्य ने वहां मौजूद विशाल जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन समय की सबसे बड़ी मांग
समारोह को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जल संरक्षण को एक बड़ा जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर एक नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया जल बचाने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है।
प्राकृतिक खेती, जैविक खाद और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की आधारशिला बताते हुए उन्होंने कचरा प्रबंधन पर भी जोर दिया। उन्होंने सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग करने तथा उसके वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा आवश्यक
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। वर्षा जल का संग्रहण एवं संचयन भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, भूजल स्तर में वृद्धि और पानी की हर बूंद के सही उपयोग से ही पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।
उन्होंने जानकारी दी कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत सांगोद विधानसभा क्षेत्र में जल संचयन, जल संग्रहण, जलाशयों के सौंदर्यीकरण एवं जल संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य प्राथमिकता के साथ कराए गए हैं। सांगोद एवं कोटा की जनता की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। उन्होंने लोक कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि कला जनजागरण का सबसे सशक्त माध्यम है।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला ‘जल गौरव सम्मान’
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के दौरान जिन विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भामाशाहों और सामाजिक संगठनों ने जल स्रोतों के पुनरुद्धार और जागरूकता फैलाने में उत्कृष्ट योगदान दिया, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से ‘जल गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
इस समापन समारोह के अवसर पर संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी और शहर के प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।