शक्ति की उपासना का पर्व विजयदशमी: पुष्कर में निर्भया सेना ने किया शस्त्र पूजन
सुनील शर्मा
हरिप्रसाद शर्मा, पुष्कर/अजमेर, 2 अक्टूबर 2025 (टेलीग्राफ टाइम्स)।
विजयदशमी के पावन अवसर पर गुरुवार को निर्भया सेना राजस्थान प्रशिक्षण केंद्र द्वारा रामस्नेही गार्डन, पुष्कर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मातृ शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए आत्मरक्षा एवं राष्ट्र रक्षा के संकल्प को दोहराया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर एवं राम सखा आश्रम पीठाधीश्वर महंत नंद राम शरण महाराज ने विजयदशमी को शक्ति की उपासना का पर्व बताते हुए कहा कि “बालिकाएं देवी स्वरूपा हैं और उनमें अपार शक्ति निहित है। जरूरत है कि वे अपने अंदर की उस शक्ति को पहचानें और समाज में व्याप्त कुबुद्धि व नकारात्मक मानसिकता का डटकर मुकाबला करें।”
विशिष्ट अतिथि भारत संस्कृत परिषद के संस्कृत आयाम प्रमुख नेहरू पंडित ने कहा कि हमारे शास्त्रों में सर्वप्रथम शस्त्र की पूजा का विधान है, क्योंकि शस्त्र से ही राष्ट्र की रक्षा संभव है। उन्होंने कहा, “राष्ट्र तभी सुरक्षित रह सकता है जब हम न केवल बाहरी खतरों से बल्कि भीतर बैठे राक्षसी प्रवृत्तियों से भी स्वयं को और समाज को सुरक्षित करें।”
कार्यक्रम में पूर्व पालिका अध्यक्ष सूरज नारायण पाराशर ने निर्भया सेना की पहल की सराहना करते हुए कहा कि “आज के समय में अधिक से अधिक आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर बालिकाओं को सशक्त बनाना आवश्यक है।”
इस अवसर पर सर्वप्रथम अतिथियों ने माता रानी की पूजा अर्चना कर शस्त्र पूजन किया। इसके बाद निर्भया सेना के संस्थापक मुकेश राठौड़ ने संगठन के उद्देश्यों और चल रहे प्रशिक्षण शिविरों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन निर्भया सेना राजस्थान अध्यक्ष कमल किशोर ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं, प्रशिक्षक और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

