शक्तिपीठ कन्या महाविद्यालय में गांधी व शास्त्री जयंती समारोह आयोजित
रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर
पुष्कर/अजमेर। स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ कन्या महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. सुरेश वैष्णव, प्राध्यापकगण, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विजयलक्ष्मी और एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा गांधीजी एवं शास्त्रीजी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देने से हुई। इस अवसर पर महात्मा गांधी की प्रिय प्रार्थना “वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाणे रे” का सामूहिक गायन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति और आदर्शों से ओत-प्रोत कर दिया।
प्राचार्य डॉ. वैष्णव ने अपने उद्बोधन में कहा कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का मार्ग आज भी समाज को नई दिशा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे गांधीजी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने में योगदान दें। वहीं, विजयलक्ष्मी ने शास्त्रीजी के नारे “जय जवान, जय किसान” का महत्व समझाते हुए कहा कि यह नारा आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना स्वतंत्रता के बाद के दौर में था।
विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए गांधी और शास्त्री जैसे महान नेताओं से प्रेरणा लेने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और स्टाफ को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सभी ने स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया और विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने का वचन दिया।
इस अवसर पर संकाय सदस्य, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक मौजूद रहे।

