रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर | 4 अप्रैल, 2026 केंद्र सरकार द्वारा व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाए गए ‘जन विश्वास विधेयक 2026’ के पारित होने पर जयपुर व्यापार महासंघ (जेवीएम) ने हर्ष व्यक्त किया है। महासंघ ने इस दूरदर्शी कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार प्रकट करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत के लिए एक ‘वरदान’ करार दिया है।
अपराधमुक्तिकरण से मिलेगी व्यापार को नई गति
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सैनी ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जन विश्वास विधेयक 2026 व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक क्रांतिकारी सुधार है। इस विधेयक की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- 1000 से अधिक प्रावधान अपराधमुक्त: व्यापार से जुड़े छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को अब आपराधिक श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। इससे व्यापारियों में व्याप्त ‘इंस्पेक्टर राज’ और कानूनी मुकदमों का डर समाप्त होगा।
- 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन: व्यापार सुगमता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने लगभग 80 पुराने कानूनों और नियमों में बदलाव किया है, जिससे कागजी कार्रवाई और अनुपालन का बोझ कम होगा।
पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर ‘जीरो’ कस्टम ड्यूटी का स्वागत
महासंघ ने सरकार के उस निर्णय की भी सराहना की है जिसमें 40 प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क (Custom Duty) को 30 जून 2026 तक शून्य कर दिया गया है।
”कस्टम ड्यूटी शून्य होने से न केवल उत्पादन की लागत (Cost of Production) में कमी आएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) भी सुदृढ़ होगी। इससे भारतीय उद्यमी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।”
— सुभाष गोयल, अध्यक्ष, जेवीएम
आर्थिक विकास में मील का पत्थर
महासंघ के अनुसार, इन सुधारों का सीधा लाभ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मिलेगा। महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि यह निर्णय देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगा। व्यापारियों और उद्यमियों के बीच इस विधेयक को लेकर भारी उत्साह है, क्योंकि यह न केवल उनके काम को आसान बनाएगा बल्कि निवेश के लिए भी एक अनुकूल वातावरण तैयार करेगा।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- सुधार: 1000+ प्रावधान डी-क्रिमिनलाइज्ड।
- कानून: 79 केंद्रीय कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन।
- राहत: 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर शून्य कस्टम ड्यूटी (30 जून 2026 तक)।
- प्रभाव: लागत में कमी और व्यापार सुगमता में भारी वृद्धि।
