राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के आढ़तियों को मिलेंगे 100 करोड़ रुपये से अधिक
| योगेश शर्मा
जयपुर। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल और विभिन्न राज्यों के व्यापार संघों के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने गेहूं की खरीद पर आढ़तियों (कमीशन एजेंट) की आढ़त बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 16 मार्च 2026 को गठित विशेष कमेटी के फैसले के बाद विभाग द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस निर्णय से राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के करीब 1.5 लाख आढ़तियों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
9 वर्षों का इंतजार हुआ खत्म
भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के नेशनल प्रेसीडेन्ट बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2018 से आढ़त की राशि को फ्रीज कर दिया गया था। उस समय गेहूं का समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसके आधार पर पंजाब-हरियाणा में 46 रुपये और राजस्थान में 41.40 रुपये प्रति क्विंटल आढ़त तय की गई थी। गेहूं के भाव लगातार बढ़ने के बावजूद आढ़त स्थिर थी, जिसे लेकर व्यापार मण्डल ने केंद्र सरकार और खाद्य मंत्रालय के साथ लगभग 40 दौर की बैठकें कीं।
तीनों राज्यों को मिलेगा भारी लाभ
केंद्र सरकार के इस फैसले से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद होने पर आढ़तियों को मिलने वाली अतिरिक्त राशि का विवरण इस प्रकार है:
- पंजाब: करीब 300 मण्डियों के आढ़तियों को लगभग 80 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
- हरियाणा: 296 मण्डियों के व्यापारियों को करीब 36 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।
- राजस्थान: प्रदेश की लगभग 40 मण्डियों के व्यापारियों को करीब 9 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त होंगे।
कुल मिलाकर तीनों राज्यों के आढ़तियों को 100 करोड़ रुपये से भी अधिक की अतिरिक्त आय होगी।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री का आभार
बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ हुई सकारात्मक चर्चाओं के बाद इस मांग को स्वीकार किया गया है। हालांकि गेहूं का वर्तमान भाव 2585 रुपये प्रति क्विंटल है और व्यापार मण्डल की मांग कृषि विपणन अधिनियम के अनुसार पूर्ण प्रतिशत (पंजाब-हरियाणा 2.50% और राजस्थान 2.25%) दिलाने की है, फिर भी इस बढ़ोतरी को व्यापारियों ने एक बड़ी राहत माना है।
भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। इस सफलता में पंजाब आढ़तियां संघ, हरियाणा आढ़तियां संघ और राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की एकजुटता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
