योगेश शर्मा
जयपुर। राजधानी के महावीर पार्क में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ में जैन संत पूज्य 108 मुनिश्री विनम्र सागर जी महाराज ने अपने ओजस्वी विचारों से जनमानस को झकझोर दिया। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री ने स्पष्ट किया कि समाज की शक्ति व्यसनों में नष्ट हो रही है, जिसे रचनात्मक कार्यों में लगाने की महती आवश्यकता है।

व्यसन मुक्ति: राम मंदिर निर्माण जैसा संकल्प
मुनिश्री ने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में लगभग 35 करोड़ लोग गुटखा और अन्य व्यसनों के शिकार हैं। उन्होंने एक प्रभावी गणित प्रस्तुत करते हुए कहा:
”यदि ये 35 करोड़ लोग आज गुटखा त्यागने का संकल्प ले लें, तो उस धन से हर महीने एक भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जा सकता है।”
उन्होंने समाज को आत्मचिंतन का संदेश देते हुए कहा कि सकारात्मक संकल्प की शक्ति ही राष्ट्र को पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन कर सकती है।
गोसंरक्षण हेतु व्यावहारिक समाधान
गोवंश की तस्करी और दुर्दशा पर प्रहार करते हुए मुनिश्री ने कहा कि केवल भावुक होने से काम नहीं चलेगा, बल्कि संगठित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने एक ठोस योजना प्रस्तावित की:
- मंदिरों की जिम्मेदारी: यदि प्रत्येक मंदिर केवल एक गौ माता के पालन-पोषण और चारे की जिम्मेदारी उठा ले, तो गोवंश तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लग जाएगा।
- संगठित प्रयास: उन्होंने बांग्लादेश भेजे जा रहे गोवंश के आंकड़ों का हवाला देते हुए समाज से उत्तरदायी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
- आहारचर्या एवं अगवानी: प्रातः बेला में मुनिश्री भट्टारक जी की नसिया से पारसनाथ भवन पधारे, जहाँ उनकी आहारचर्या संपन्न हुई। इसके पश्चात महावीर पार्क पहुँचने पर विशाल जनसमूह ने उनकी भावभीनी अगवानी की।
- संस्कृति का संरक्षण: अशोक शर्मा (अधिकारी, मुरली मनोहर बस्ती) ने नई पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
- मंच संचालन: कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. माधुरी जैन एवं रमेश गंगवाल द्वारा किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
सम्मेलन में अध्यक्ष भगवानदास रावत, संजय राहुल, पार्षद ललिता, नवनीत, श्याम शर्मा, प्रदीप झालानी, संदेश जैन, अमित जैन, कृष्ण मुरारी, पारस सौगाणी, प्रमोद गोयल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में रोहित शर्मा और अनूप खण्डेलवाल ने सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया।
