नई दिल्ली, 3 जून | गनपत चौहान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लद्दाख में उभरते नए अवसरों, नवाचार और आर्थिक समृद्धि को रेखांकित करने वाला एक विशेष लेख साझा किया है। यह लेख केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा लिखा गया है, जिसमें इस बात का विस्तार से उल्लेख है कि कैसे लद्दाख की एक खास बेरी (संभवतः सीबकथॉर्न या लेह बेरी) वहां उद्यमिता और आर्थिक बदलाव की एक नई इबारत लिख रही है।
उद्यमिता और मूल्यवर्धन से बदली लद्दाख की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस लेख को साझा करते हुए लिखा कि लद्दाख में पाई जाने वाली एक विशेष बेरी आज नवोन्मेषण (Innovation) और अवसरों की नई गाथा लिख रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का यह लेख इस बात का बेहद सशक्त और व्यावहारिक प्रतिबिंब है कि कैसे स्थानीय उद्यमिता और उत्पादों का मूल्यवर्धन (Value Addition) लद्दाख में समृद्धि के नए द्वार खोल रहे हैं।
’वोकल फॉर लोकल से ग्लोबल’ की ओर बढ़ते कदम
इस लेख की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘वोकल टू लोकल फॉर ग्लोबल’ के संकल्प की दिशा में राष्ट्र की प्रगति को दर्शाने वाला एक बेहद अंतर्दृष्टिपूर्ण आलेख बताया। उन्होंने कहा कि यह लेख इस बात की गहन और बारीक जानकारी देता है कि कैसे भारत के सुदूर क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए काम किया जा रहा है।
लद्दाख की ‘वंडर बेरी’ का महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, लद्दाख के ठंडे मरुस्थल में पाई जाने वाली इस बेरी में प्रचुर मात्रा में औषधीय और पोषक तत्व होते हैं। चिराग पासवान ने अपने लेख में इसी प्राकृतिक संपदा के व्यावसायिक उपयोग, स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिले रोजगार और इसके जरिए लद्दाख की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई रफ्तार का खाका खींचा है। प्रधानमंत्री द्वारा इस लेख को साझा किए जाने के बाद, लद्दाख के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।