रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। प्रांतीय वैष्णव ब्राह्मण समाज समिति के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जयपुर जिलाधीश (कलेक्टर) से मुलाकात कर समाज की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से वैष्णव शब्द को ओबीसी (OBC) वर्ग में शामिल करने और डोली भूमि मंदिर माफी की समस्याओं के समाधान की पुरजोर मांग की।
विधायकों का मिला साथ, मांगों को बताया जायज
ज्ञापन सौंपने के दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा और हवा महल विधायक बालमुकुंदाचार्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों विधायकों ने वैष्णव समाज की मांगों को उचित ठहराते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि समाज की इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्रता से विचार कर ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रमुख मांगें: ओबीसी दर्जा और डोली भूमि समस्या
समिति के अध्यक्ष अशोक स्वामी, जयपुर उत्तर जिलाध्यक्ष योगेश कौशिक एवं जयपुर उत्तर जिलाध्यक्ष पवन किलावत के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापनों में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- ओबीसी वर्ग में शामिल करना: प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ‘वैष्णव’ शब्द को आधिकारिक रूप से ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का लाभ मिल सके।
- डोली भूमि मंदिर माफी: मंदिर माफी की जमीनों (डोली भूमि) से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और पुजारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की गई।
प्रशासन का सकारात्मक रुख
प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाई गई समस्याओं पर जयपुर जिलाधीश ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में वर्णित बिंदुओं का नियमानुसार परीक्षण करवाया जाएगा और समाधान के लिए उचित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रांतीय उपाध्यक्ष गोरधन शर्मा, रामजी लाल वैष्णव, अनिल झालाना, राजेंद्र एडवोकेट, बंकटलाल वैष्णव, जगदीश गिरदावर, अशोक वैष्णव, राजेश मूर्ति वाले, भगवान सहाय, महेंद्र, सुभाष चंद्र बीलपुर एवं लालचंद वैष्णव सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समाज के पदाधिकारियों ने संकल्प जताया कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, वे अपना प्रयास जारी रखेंगे।