नई दिल्ली/प्रीति बालानी/केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित ‘वीव द फ्यूचर 4.0 – अपसाइक्लिंग एडिशन’ (Weave the Future 4.0 – Upcycling Edition) प्रदर्शनी का दौरा किया। यह छह दिवसीय प्रदर्शनी सस्टेनेबल (टिकाऊ) और सर्कुलर टेक्सटाइल के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रगति और भविष्य के रोडमैप को प्रदर्शित करती है।
मुख्य आकर्षण और प्रदर्शनी की मुख्य बातें
यह प्रदर्शनी पर्यावरण-अनुकूल फैशन और कपड़ों के पुनर्चक्रण (Recycling) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
- विविध भागीदारी: देश भर से 100 से अधिक ब्रांड्स, कारीगर, निर्माता, रीसायकलर्स, थ्रिफ्ट कलेक्टिव्स (पुरानी वस्तुओं को नया रूप देने वाले) और इनोवेटर्स इस मंच पर एक साथ आए हैं।
- सर्कुलर फैशन पर जोर: प्रदर्शनी में वेस्ट कपड़ों को रीसायकल करके बनाए गए शानदार परिधान और उत्पाद आकर्षण का केंद्र हैं, जो ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से कंचन) के सिद्धांत को जीवंत करते हैं।
- आयोजन स्थल और अवधि: यह छह दिवसीय प्रदर्शनी नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित की जा रही है, जो आम जनता, फैशन प्रेमियों, पर्यावरणविदों और छात्रों के लिए 17 जुलाई 2026 तक खुली रहेगी।
केंद्रीय मंत्री का संदेश
कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया और देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगरों व स्टार्टअप्स से बातचीत की। उन्होंने भारतीय कपड़ा उद्योग में स्थिरता (Sustainability) और अपसाइक्लिंग (Upcycling) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण और स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
”भारत का कपड़ा उद्योग अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सर्कुलर इकोनॉमी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ‘वीव द फ्यूचर 4.0’ इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।”