विश्व स्वास्थ्य सभा में बोले स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा: ‘आयुष्मान भारत और डिजिटल तकनीक से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की ओर बढ़ रहा भारत’

गौरव कोचर 

नई दिल्ली/जिनेवा, 20 मई।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA) के पूर्ण सत्र को संबोधित किया। “वैश्विक स्वास्थ्य को नया स्वरूप देना: एक साझा जिम्मेदारी” विषय पर बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने न्यायसंगत, समावेशी और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने वैश्विक मंच पर रेखांकित किया कि कैसे भारत ‘समग्र-सरकार’ (Whole-of-Government) और ‘समग्र-समाज’ (Whole-of-Society) के दृष्टिकोण के साथ गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा का विस्तार कर रहा है।

​संबोधन के मुख्य बिंदु और भारत की स्वास्थ्य उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

​1. आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा

​केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज’ (सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज) की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। इसके तहत देश के सुदूर और स्थानीय समुदायों के करीब ही व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरे देश में 1,85,000 से अधिक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही सरकार भविष्य की आपातकालीन सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है।

​2. डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति: 88 करोड़ से अधिक विशिष्ट पहचान

​स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में तकनीक के बदलावों का जिक्र करते हुए श्री नड्डा ने ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ (ABDM) की सफलता को साझा किया। उन्होंने बताया कि:

  • ​इस मिशन के तहत अब तक 880 मिलियन (88 करोड़) से अधिक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान (यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी) बनाई जा चुकी हैं।
  • ​यह इकोसिस्टम मरीजों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और देश में कहीं भी निर्बाध चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

​3. दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजना

​मंत्री ने ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (AB-PMJAY) के अभूतपूर्व पैमाने और प्रभाव पर जोर दिया। इसे दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य आश्वासन योजना बताते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों सहित लगभग 600 मिलियन (60 करोड़) लाभार्थियों को मुफ्त एवं कैशलेस इलाज की सुरक्षा प्रदान कर रही है।

​4. स्वास्थ्य सेवा में AI की रणनीति और नैतिक मूल्य

​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधियों को जानकारी दी कि भारत ने हाल ही में ‘भारत के लिए स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रणनीति’ लॉन्च की है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को सचेत करते हुए कहा:

​”एआई का भविष्य नैतिक और मानव-केंद्रित प्रणालियों के निर्माण की हमारी सामूहिक क्षमता पर निर्भर करता है।”

 

​5. ‘दुनिया की फार्मेसी’ और वैक्सीन मैत्री का संदेश

​सस्ती जेनेरिक दवाओं और टीकों के उत्पादन में भारत के वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान देश के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल के तहत लगभग 100 देशों को करीब 300 मिलियन (30 करोड़) वैक्सीन की खुराकें उपलब्ध कराईं, जो वैश्विक स्वास्थ्य एकजुटता के प्रति भारत की सोच को प्रदर्शित करता है।

साझा जिम्मेदारी का आह्वान:

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वैश्विक प्रतिनिधियों से एकजुटता की अपील करते हुए अपने संबोधन का समापन किया। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब इस सभा की नीतियों को ठोस परिणामों में बदला जाए और एक साझा जिम्मेदारी के तहत पूरी दुनिया के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का निर्माण किया जाए।

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