गनपत चौहान
नई दिल्ली, 20 मई।
20 मई 1875 को हस्ताक्षरित ऐतिहासिक मीटर कन्वेंशन की याद में आज देश भर में ‘विश्व मेट्रोलॉजी (मापन विज्ञान) दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शासन, व्यापार, जन सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण में सटीक मापन प्रणालियों के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में “एक राष्ट्र, एक समय” (One Nation, One Time) पहल, डिजिटल पहलों और चिकित्सा उपकरणों के नए मानकों समेत कई महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की गई।
समाचार के मुख्य बिंदु और विभिन्न वक्ताओं के संबोधन का विवरण निम्नलिखित है:

1. “एक राष्ट्र, एक समय” और भारतीय मानक समय (IST) का प्रसार
केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों ने देश में सटीक समय के प्रसार की महत्वाकांक्षी परियोजना पर विशेष जोर दिया:
- इसरो और एनपीएल का सहयोग: भारतीय मानक समय (IST) के प्रसार की यह परियोजना राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) और इसरो (ISRO) के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है।
- परियोजना का उद्देश्य: “एक राष्ट्र, एक समय” पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशालाओं (RRSL) के माध्यम से देश के कोने-कोने में अत्यंत उच्च परिशुद्धता (High Precision) के साथ भारतीय मानक समय का प्रसार करना है।
- परमाणु घड़ी तकनीक: एनपीएल इंडिया के सेवानिवृत्त कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमितवा सेन गुप्ता ने बताया कि उन्नत परमाणु घड़ी प्रौद्योगिकियों और अंतर्राष्ट्रीय तुल्यकालन प्रणालियों के माध्यम से अत्यंत उच्च सटीकता के साथ IST को बनाए रखा जा रहा है।
2. नए तकनीकी नियम और ई-मैप (e-MAP) पोर्टल
उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे ने कानूनी मापन में हो रहे नीतिगत और डिजिटल सुधारों की जानकारी दी:
- अधिसूचित नियम: विभाग ने जन सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ब्रेथ एनालाइजर, मॉयश्चर मीटर, गैस मीटर और वाहनों की गति मापने वाले रडार उपकरणों के नए नियमों को अधिसूचित कर दिया है।
- डिजिटल पहल: मापन प्रणालियों में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने के लिए ‘ई-मैप’ (e-MAP) पोर्टल और अन्य डिजिटल टूल्स की भूमिका को रेखांकित किया गया।
- चिकित्सा उपकरणों में सटीकता: जनवरी 2026 से नॉन-इन्वैसिव स्फिग्मोमैनोमीटर (रक्तचाप मापक यंत्र) के नए मानकों की शुरुआत की गई है, जिससे चिकित्सा उपकरणों की विश्वसनीयता और जन सुरक्षा में सुधार होगा।
3. शासन, निष्पक्ष व्यापार और उपभोक्ता संरक्षण में मापन का महत्व
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा और राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने शासन और दैनिक जीवन में सटीक माप के महत्व को रेखांकित किया:
- सटीक मापन सीधे तौर पर नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े क्षेत्रों जैसे—खाद्य पदार्थ, ईंधन, दवाइयां, बिजली और पैकेटबंद वस्तुओं को प्रभावित करते हैं।
- इस वर्ष के समारोह का विषय साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, उपभोक्ता संरक्षण और पारदर्शी शासन में विश्वसनीय मापों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
- वक्ताओं ने देश में अनुपालन और गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने के लिए विधिक मापन विभागों, परीक्षण प्रयोगशालाओं, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के योगदान की सराहना की।
4. तकनीकी सत्र और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
कार्यक्रम के बाद आयोजित तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार साझा किए:
- विकिरण सुरक्षा: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के वैज्ञानिक डॉ. सुनील के. सिंह ने “आयनकारी विकिरण मापन” पर प्रस्तुति देते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा नीतियों में भारत की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित किया।
- वैश्विक अनुभव: CIML के अध्यक्ष डॉ. बॉबजोसेफ मैथ्यू ने स्विट्जरलैंड के पारदर्शी कानूनी माप विज्ञान ढांचे पर चर्चा की।
5. अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का बढ़ता नेतृत्व
ओआईएमएल (OIML) के निदेशक एंथोनी डोनलन ने अंतरराष्ट्रीय मानक निर्धारण में भारत के बढ़ते नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने घोषणा की कि अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय विधिक मापन समिति (CIML) की 61वीं बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसकी मेजबानी भारत द्वारा किया जाना बेहद स्वागत योग्य है।
समारोह का समापन:
कार्यक्रम की शुरुआत उपभोक्ता मामलों के विभाग के अपर सचिव श्री अनुपम मिश्रा के स्वागत भाषण से हुई थी। अंत में निदेशक (कानूनी मापन) श्री आशुतोष अग्रवाल ने तकनीकी सत्र के विचार-विमर्श का सारांश प्रस्तुत किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया। समारोह का समापन देश में एक आधुनिक, कुशल और पारदर्शी मापन प्रणाली के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।