विश्व पशु कल्याण दिवस पर जयपुर में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम — पशुओं के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और दया भाव रखना हम सबकी जिम्मेदारी : जीव-जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष
जयपुर, 4 अक्टूबर 2025। (गौरव कोचर)
विश्व पशु कल्याण दिवस के अवसर पर शनिवार को गौ पुनर्वास केंद्र, हिंगोनिया गौशाला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन पशुपालन विभाग एवं राजस्थान राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम की थीम थी — “सेव एनिमल्स, सेव द प्लेनेट” (पशुओं को बचाएं, पृथ्वी को बचाएं)।

कार्यक्रम की शुरुआत गायों को हरा चारा, गुड़ और पशु आहार खिलाकर की गई। इस अवसर पर जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई ने कहा कि पशु न केवल हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और संस्कृति में भी इनका अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि पशुओं के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और दया भाव रखना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि “पशुओं के संदर्भ में किए जाने वाले सभी कल्याणकारी कार्य समाज सेवा के ही अंग हैं। गाय और अन्य पशु हमारे सांस्कृतिक तथा सामाजिक जीवन की आधारशिला हैं। विश्व पशु दिवस का संदेश केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें हर दिन पशुओं के प्रति प्रेम और संवेदना से व्यवहार करना चाहिए।”
बिश्नोई ने यह भी कहा कि पशु हमारे पर्यावरण और जैव विविधता के संतुलन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “यदि हम पशुओं की रक्षा करेंगे, तो धरती का पारिस्थितिक संतुलन सुरक्षित रहेगा। पॉलीथिन का त्याग पशुओं और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा कदम है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पशु कल्याण केवल सरकार का कार्य नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। इस अवसर पर पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया, जिसमें पशुओं के प्रति हमारे दायित्वों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से पॉलीथिन का उपयोग न करने की शपथ ली। इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया। साथ ही, हिंगोनिया गौशाला परिसर में गाय पर रुमिनोटोमी ऑपरेशन का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने देखा।
कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के निदेशक आनंद सेजरा सहित विभागीय अधिकारीगण, पशु चिकित्सक और पशु प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।