जयपुर, 11 जुलाई / नरेश गुनानी /विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर परिवार कल्याण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों और समर्पित स्वास्थ्य कार्मिकों को राज्य स्तरीय परिवार कल्याण अवार्ड से सम्मानित किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर वर्चुअल माध्यम से सम्मानित किया गया।
जनसंख्या स्थिरीकरण की ओर राजस्थान
समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से जनसंख्या वृद्धि की गति को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया है। वर्तमान में राजस्थान की कुल प्रजनन दर 2.1 है, जो जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्षित स्तर के अनुरूप है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग में भी राजस्थान राष्ट्रीय औसत (52.7 प्रतिशत) से आगे निकलकर 57.1 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता पर जोर
प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध सभी चिकित्सा सुविधाएं आमजन के लिए बिना किसी देरी के सुलभ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जोर दिया कि जनसंख्या का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब इसका लाभ प्रदेश और देश के विकास में मिले और नागरिकों को बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही, मौसमी बीमारियों का उचित प्रबंधन, गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, टीकाकरण और उपकरणों की समयबद्ध मरम्मत जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किए गए विजेता
वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया:
- संस्थागत पुरस्कार (जिले): चित्तौड़गढ़ को प्रथम (18 लाख), सीकर को द्वितीय (11 लाख), कोटा को तृतीय (9 लाख) और करौली को चतुर्थ (5 लाख) पुरस्कार मिला। बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़, बारां, अजमेर, ब्यावर एवं बूंदी को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र दिए गए।
- पीपीआईयूसीडी सेवाएं: बांसवाड़ा को प्रथम (4 लाख), प्रतापगढ़ को द्वितीय (3 लाख) और नागौर को तृतीय (2 लाख) पुरस्कार दिया गया। सलूम्बर को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
- पंचायत समितियां: इटावा (कोटा) को प्रथम (8 लाख), बालोतरा को द्वितीय (7 लाख), फलौदी को तृतीय (6 लाख) और धौलपुर को चतुर्थ (2 लाख) पुरस्कार मिला।
- ग्राम पंचायतें: हरराजपुरा (ब्यावर) को प्रथम (5 लाख), खेड़की वीरभान (कोटपूतली-बहरोड़) को द्वितीय (4 लाख), ठीकरिया कलां (बूंदी) को तृतीय (3 लाख) और भोजासर (हनुमानगढ़) को चतुर्थ (1 लाख) पुरस्कार प्रदान किया गया।
- स्वास्थ्य संस्थान व एनजीओ: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गेंता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीमराणा और उप जिला चिकित्सालय रावतभाटा को सर्वश्रेष्ठ राजकीय स्वास्थ्य संस्थान के रूप में 1-1 लाख रुपये की राशि दी गई। राज अस्पताल, जोधपुर को सर्वश्रेष्ठ निजी चिकित्सालय तथा अनशेड पैरामेडिकल फाउंडेशन, झालावाड़ एवं एफआरएचएस इंडिया, जयपुर को सर्वश्रेष्ठ गैर-सरकारी संगठन के रूप में सम्मानित किया गया। तालेड़ा (बूंदी) को सर्वश्रेष्ठ आशावान ब्लॉक चुना गया।
- व्यक्तिगत पुरस्कार: एलएचवी आशा वर्मा को सर्वाधिक नसबंदी प्रेरित करने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। एएनएम श्रेणी में मधु श्रीवास्तव और सरिता कुमारी को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त आशा सहयोगिनी कौशल्या देवी, आशा शर्मा और संतोष देवी को भी उनके योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। सर्वाधिक नसबंदी ऑपरेशन करने के लिए चिकित्सक डॉ. साहब सिंह मीणा को सम्मानित किया गया।
समारोह की शुरुआत में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत की जा रही गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक स्तर के अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।