सदन में दी गई जानकारी
| नरेश गुनानी
जयपुर, 23 फरवरी 2026: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को विश्वकर्मा अंशदायी पेंशन योजना के तहत कामगारों के भुगतान और उनके पंजीकरण की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सदन को बताया कि योजना के लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के तहत भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई है।
2011 में बंद हुई थी योजना, 51 हजार से अधिक थे सदस्य
शून्य काल के दौरान विधायक अनिता भदेल द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया कि विश्वकर्मा अंशदायी पेंशन योजना को वर्ष 2011 में बंद कर दिया गया था। योजना बंद होने के समय इसमें कुल 51,790 सदस्य पंजीकृत थे। सरकार ने इन सभी कामगारों को ‘नेशनल पेंशन स्कीम’ (NPS) में शामिल होने का विकल्प प्रदान किया था।
पंजीकरण और एनपीएस का विकल्प
मंत्री ने बताया कि विभाग की ओर से पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी 51,790 सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से पोस्टकार्ड भेजकर सूचना दी गई थी। सूचना के बाद की स्थिति इस प्रकार रही:
- 17,122 सदस्यों ने स्वेच्छा से एनपीएस (NPS) को चुना।
- 34,608 कामगारों ने पुरानी योजना में ही बने रहने का निर्णय लिया।
- विभाग ने स्पष्ट किया कि इन शेष सदस्यों को 31 मार्च 2011 के बाद से कोई ब्याज देय नहीं है।
व्यक्तिगत भुगतान का प्रस्तुत किया ब्यौरा
सदन में एक विशिष्ट प्रकरण का हवाला देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि पंजीकृत सदस्य देवदत राजोरिया को 1 फरवरी 2022 को पीएफआरडी (PFRDA) नियमों के अनुसार 25,558 रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
इस भुगतान का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि देवदत राजोरिया ने स्वयं 13,062 रुपये का अंशदान जमा किया था, जबकि नियमों के तहत सरकार का अंशदान 12,496 रुपये था। इस प्रकार कुल जमा राशि का नियमानुसार भुगतान उन्हें कर दिया गया है।
सुमित गोदारा ने दोहराया कि सरकार कामगारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण नियमों के दायरे में किया जा रहा है।
