विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम: “एक पेड़ मां के नाम” के जरिए पर्यावरण को समर्पित भावपूर्ण पहल
By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 15,2025
जयपुर। हरियालो राजस्थान अभियान के तहत श्रावण मास के तृतीय दिन जयपुर के पवन पुत्र पार्क, हनुमान नगर विस्तार, खातीपुरा में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम “एक पेड़ मां के नाम” का आयोजन किया गया। तेज बारिश के बावजूद स्थानीय नागरिकों का उत्साह देखते ही बनता था, जिन्होंने अपने हाथों से पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
मातृत्व के सम्मान में हरियाली की सौगात
यह कार्यक्रम न केवल वृक्षारोपण तक सीमित रहा, बल्कि यह एक भावनात्मक पहल थी जिसमें हर पौधा किसी की मां के नाम समर्पित किया गया। इस अभियान के माध्यम से न केवल मातृत्व को श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए हरियाली छोड़ने का संदेश भी दिया गया।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति और सहभागिता
कार्यक्रम में खातीपुरा व्यापार मंडल अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़, हेल्थ इज वेल्थ ग्रुप के सी.सी.एफ हेतराम मूंड, अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, समाजसेवी भंवर सिंह शेखावत और महिला मंडल से श्रीमती सरोज कंवर शेखावत, इंदु कुमार, शशि शर्मा, सरोज कंवर, किरण शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी उपस्थितजनों ने पौधारोपण कर अपने-अपने मातृ प्रेम को प्रकृति से जोड़ा।
पर्यावरण जागरूकता और जनभागीदारी का प्रतीक
इस आयोजन में केवल पौधे नहीं लगाए गए, बल्कि यह सामूहिक संकल्प भी लिया गया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की देखभाल व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि आज जब पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति गहराती जा रही है, ऐसे में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रकृति की ओर लौटे और हर घर, हर मोहल्ले को हरियाली से भर दे।
अभियान को मिल रही व्यापक सराहना
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान को स्थानीय स्तर पर खूब सराहना मिल रही है। नागरिक इसे भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरणीय चेतना का सुंदर संगम मान रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालीन अभियान है जिसे जयपुर शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार चलाया जाएगा।
संदेश: प्रकृति से प्रेम, मां को समर्पण
यह विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम सिर्फ एक पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि मातृत्व के प्रति आभार प्रकट करने और प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाने की गूंज बनकर उभरा है। नागरिकों ने इसे भावनात्मक रूप से अपनाया है और उम्मीद जताई है कि यह अभियान आने वाले समय में एक आंदोलन का रूप लेगा।