विवाह आमंत्रण के नाम पर साइबर जाल — “आमंत्रण.apk” से हो सकता है मोबाइल हैक
— शादी के सीजन में साइबर ठग भेज रहे हैं नकली ई-निमंत्रण लिंक, क्लिक करते ही चोरी हो सकती है निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स
गौरव कोचर •
01 नवम्बर 2025, जयपुर।
शादी-ब्याह के इस सीज़न में जहां सोशल मीडिया और मोबाइल पर शुभकामनाओं का सिलसिला चल रहा है, वहीं साइबर अपराधियों ने अब इस उत्सव भरे माहौल को ठगी का नया जरिया बना लिया है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने जनता को एक गंभीर साइबर खतरे से सतर्क किया है — “आमंत्रण.apk” नामक एक खतरनाक फर्जी एप्लीकेशन, जो शादी के ई-निमंत्रण के बहाने मोबाइल में इंस्टॉल कराकर डेटा चोरी कर रही है।
पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, साइबर क्राइम शाखा ने पूरे राज्य में चेतावनी जारी की है। उप महानिरीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से शादी के निमंत्रण या गिफ्ट लिंक भेजकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उपयोगकर्ता जैसे ही “Invitation.apk” या “MarriageCard.apk” नाम की इस फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल करते हैं, उनका मोबाइल पूरी तरह अपराधियों के नियंत्रण में चला जाता है।
🔍 ऐसे काम करता है यह साइबर जाल
यह फर्जी एप्लिकेशन देखने में एक सामान्य इनविटेशन कार्ड जैसा प्रतीत होता है, लेकिन इंस्टॉल होते ही यह मोबाइल की कई संवेदनशील अनुमतियां (permissions) प्राप्त कर लेता है — जैसे एसएमएस, कॉन्टैक्ट लिस्ट, कैमरा, फाइल और इंटरनेट एक्सेस।
इसके बाद यह बैकग्राउंड में काम करते हुए उपयोगकर्ता की निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और ओटीपी चोरी कर लेता है।
इन डाटा का इस्तेमाल साइबर ठग वित्तीय धोखाधड़ी करने और पीड़ितों के खातों से धन निकालने में कर रहे हैं।
🚨 पुलिस की चेतावनी
साइबर क्राइम शाखा ने कहा है कि “सिर्फ एक क्लिक आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकता है।”
ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
📱 आमजन के लिए पुलिस की 5 जरूरी सलाहें
- किसी भी ई-निमंत्रण या गिफ्ट लिंक पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले की पहचान अवश्य सुनिश्चित करें।
- मोबाइल सेटिंग्स में “Install from unknown sources” विकल्प को Disabled रखें।
- हमेशा केवल Google Play Store या Apple App Store से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें।
- अपने मोबाइल में विश्वसनीय एंटीवायरस या मोबाइल सिक्योरिटी एप्लिकेशन इंस्टॉल करें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल को तुरंत डिलीट करें और दूसरों के साथ साझा न करें।
🆘 सहायता और शिकायत के लिए
यदि आप इस प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें —
📞 साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
🌐 ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
📱 पुलिस मुख्यालय हेल्पडेस्क: 9256001930 / 9257510100
राजस्थान पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन आमंत्रण या ऑफर पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें, क्योंकि आज के दौर में एक “वर्चुअल कार्ड” भी बन सकता है साइबर अपराध का “वास्तविक खतरा”।