जयपुर, 11 अगस्त 2026/ सुनील शर्मा— राज्य में आमजन की समस्याओं के पारदर्शी, त्वरित और समयबद्ध समाधान की प्रतिबद्धता के तहत विभागीय जांच विभाग के आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क (181) हेल्पलाइन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संपर्क पोर्टल के डैशबोर्ड का बारीकी से अवलोकन किया और विभागीय परिवादों की वर्तमान स्थिति, औसत निस्तारण समय, नागरिक संतुष्टि दर तथा लंबित प्रकरणों का विस्तृत रिव्यू किया। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण न हो, बल्कि समस्या का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
संपर्क एआई एनालिटिक्स (AI Analytics) और डेटा विश्लेषण पर जोर
निरीक्षण के दौरान हिम्मत सिंह बारहठ ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों के सब्जेक्ट कैटेगरी और कंप्लेंट नेचर का गहराई से विश्लेषण किया:
- ट्रेंड एनालिसिस से सुधार: उन्होंने कहा कि आमजन द्वारा जिन विषयों पर सबसे अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, उनकी प्रवृत्ति (Trend) को समझने के लिए ‘संपर्क एआई एनालिटिक्स’ का प्रभावी उपयोग किया जाए। प्राप्त आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर प्रशासनिक सेवा प्रदायगी की कमियों को दूर किया जाए।
- स्थायी समाधान की दिशा में कदम: उन्होंने निर्देश दिए कि एआई एनालिटिक्स के जरिए शिकायतों के मुख्य कारणों की पहचान कर संबंधित विभागों के साथ मिलकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि एक ही विषय पर बार-बार शिकायतें दर्ज न हों।
लंबे समय से लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख
आयुक्त ने विशेष रूप से 60 दिन और 90 दिन से अधिक समय से लंबित परिवादों पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए:
- ऐसे सभी अति-लंबित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता (Priority Basis) पर लेते हुए उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
- केवल शिकायत बंद करने के बजाय, निस्तारित किए गए मामलों का रैंडम सत्यापन (Verification) किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि परिवादी वास्तव में समाधान से संतुष्ट है या नहीं।
- इसके अतिरिक्त, सीपीजीआरएएमएस (CPGRAMS) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से प्राप्त शिकायतों की विभागवार प्रगति की भी समीक्षा की गई।
डिजिटल माध्यमों और व्हाट्सएप/चैटबॉट का व्यापक प्रचार-प्रसार
हेल्पलाइन केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए आयुक्त ने हेल्पलाइन नंबर 181 के अलावा उपलब्ध अन्य डिजिटल विकल्पों की भी समीक्षा की:
- उन्होंने पोर्टल पर उपलब्ध व्हाट्सऐप (WhatsApp) और एआई चैटबॉट (AI Chatbot) जैसी सुविधाओं की जानकारी ली।
- अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन वैकल्पिक डिजिटल माध्यमों के प्रति आम जनता में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए, जिससे नागरिक घर बैठे आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज और ट्रैक कर सकें।
परिवादियों से सीधा संवाद और ग्राउंड फीडबैक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुरूप, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर आमजन से सीधा संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ ने विभिन्न जिलों के परिवादियों से फोन पर सीधा संवाद किया:
- संवाद किए गए परिवादी: उन्होंने जयपुर के बाबूलाल, अजमेर के ताज मोहम्मद सिंह, राजसमंद के राजू और भीलवाड़ा के नवीन सहित कई अन्य जिलों के नागरिकों से फोन पर बातचीत की।
- फीडबैक पर कार्रवाई: परिवादियों से उनकी शिकायतों के निस्तारण का सीधा फीडबैक लिया गया और मिले इनपुट के आधार पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।