योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान के तिजारा से भाजपा विधायक महंत बालक नाथ एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। एक सरकारी अधिकारी (जेईएन) को फटकार लगाते समय उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर नाई (सैन) समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे अपनी जाति और अस्मिता का अपमान बताते हुए विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें विधायक महंत बालक नाथ एक जेईएन (JEN) को फटकार लगा रहे हैं। वीडियो में विधायक को कहते सुना गया— “तू जेईएन है या नाई?”। समाज का आरोप है कि विधायक ने ‘नाई’ शब्द का प्रयोग तुच्छता और अपमान के संदर्भ में किया है, जिससे पूरे प्रदेश के सैन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
समाज के दिग्गजों ने जताई कड़ी आपत्ति
इस बयान को लेकर समाज के प्रमुख नेताओं ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य व पूर्व राष्ट्रीय समन्वयक (AICC) राजेन्द्र सेन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्रवण तंवर, समाजसेवी हरिप्रसाद हर्षवाल और सैन समाज संरक्षक रूपनारायण लूणीवाल ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
”एक जनप्रतिनिधि द्वारा किसी जाति विशेष को नीचा दिखाने वाली भाषा का प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। नाई समाज संत शिरोमणि सेन जी महाराज की गौरवशाली परंपरा और जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों पर चलने वाला समाज है। हम अपनी ईमानदारी और सेवा भाव के लिए जाने जाते हैं, न कि किसी के तिरस्कार के लिए।”
— राजेन्द्र सेन, सदस्य, ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल
भाजपा नेतृत्व से कार्रवाई की मांग
समाज के नेताओं ने न केवल विधायक से माफी की मांग की है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी अपील की है कि वे अपने विधायक के इस व्यवहार पर संज्ञान लें और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। समाज का कहना है कि इस प्रकार के बयान दस्तकार और श्रमिक वर्ग के मनोबल को चोट पहुँचाते हैं।
5 मई को महा-आंदोलन का शंखनाद
आक्रोश को देखते हुए समाज ने अब सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। रणनीतिक रूप से निम्नलिखित आह्वान किए गए हैं:
- ज्ञापन प्रदर्शन: 5 मई को प्रातः 11 बजे प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर, एसडीएम कार्यालयों और भाजपा जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- राष्ट्रीय नेतृत्व को सूचना: इस विरोध की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व को भी भेजी जाएगी।
- चेतावनी: यदि विधायक ने शीघ्र सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में उग्र रूप धारण करेगा।
सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व का हवाला
समाज के प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि सैन समाज का देश के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐतिहासिक रूप से ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज ने सदैव सामाजिक न्याय और ईमानदारी का परिचय दिया है, ऐसे में किसी भी प्रकार का जातिगत कटाक्ष असहनीय है।