रुके हुए कार्यों और अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
| नरेश गुनानी
किशनगढ़ बास। 28, फरवरी.16वीं राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान किशनगढ़ बास विधानसभा क्षेत्र और खैरथल-तिजारा जिले की उपेक्षा को लेकर क्षेत्रीय विधायक दीपचंद खैरिया ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायक खैरिया ने क्षेत्र में विकास की गति धीमी होने और पूर्व घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर सरकार को घेरा।
प्रमुख विकास मुद्दों पर जोर
विधायक के निजी सहायक सुनील कान्त गोल्डी ने बताया कि विधायक दीपचंद खैरिया ने सदन में शिक्षा, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था को सुधारने के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने खैरथल जिला मुख्यालय पर निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ करने की मांग की। विधायक ने कहा कि जो कार्य पिछली सरकार के अंतिम वर्ष में घोषित किए गए थे और जिनके लिए बजट का प्रावधान भी हो चुका था, उन्हें वर्तमान में पूरा नहीं किया जा सका है।
विधायक खैरिया ने निम्नलिखित मांगों पर विशेष जोर दिया:
- जिला कार्यालय: खैरथल में जिला स्तरीय कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन कर शीघ्र भवन निर्माण शुरू हो।
- आधारभूत ढांचा: खैरथल में बाईपास ओवरब्रिज और जिला अस्पताल के कार्यों में तेजी लाई जाए।
- शिक्षा व खेल: जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत, भूमिहीन स्कूलों को जमीन आवंटन और किशनगढ़ बास में स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
- रिक्त पद: शिक्षा और चिकित्सा विभाग में खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए।
प्रोटोकॉल उल्लंघन और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
निजी सहायक सुनील कान्त गोल्डी के अनुसार, विधायक खैरिया ने विधानसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 7132 के माध्यम से विधायक प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला उठाया। उन्होंने उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जो सरकारी नियमों और प्रोटोकॉल की पालना नहीं कर रहे हैं।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“अधिकारी और कर्मचारी किसी भी बाहरी या अनुचित दबाव में आए बिना नियमनुसार जनता के हित में कार्य करें। कुछ लोग अनावश्यक दबाव बनाकर नियमों की अवहेलना करवा रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। नियम विरुद्ध कार्य करने से अंततः कर्मचारी की नौकरी और उनके परिवार पर संकट आता है, इसलिए ईमानदारी से जनहित में काम करना ही कर्तव्य है।”
बजट और प्रशासनिक व्यवस्था पर कटाक्ष
विधायक ने सदन को अवगत कराया कि जिला गठन के समय आवंटित 1000 करोड़ रुपये के बजट का अभी तक समुचित उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने नगर परिषद खैरथल, नगरपालिका किशनगढ़ बास और कोटकासिम के विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा रोडवेज बसों की बदहाल व्यवस्था को सुधारने की भी पुरजोर मांग की।
