विधान सभा में युवा संसद : युवा शक्ति बदले भारत की दिशा, स्वतंत्र सोच के साथ समाधान सुझाने का आह्वान – विधानसभा अध्यक्ष

विधान सभा में युवा संसद : युवा शक्ति बदले भारत की दिशा, स्वतंत्र सोच के साथ समाधान सुझाने का आह्वान – विधानसभा अध्यक्ष

15 दिसम्बर 2025, 05:10 PM
जयपुर, 15 दिसम्बर।

| सुनील शर्मा

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वतंत्र सोच के साथ अपनी बात मजबूत आवाज में रखें और केवल समस्या नहीं, उसके समाधान भी सुझाएं। उन्होंने कहा कि विधानसभा कानून निर्माण के साथ-साथ युवाओं को मुख्य धारा में लाने का सशक्त मंच है। बदलते भारत की दिशा में नए आयाम स्थापित करने के लिए युवा शक्ति को निरंतर प्रयास करने होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार को विधानसभा में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की एक दिवसीय युवा संसद का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। इस युवा संसद में कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

देवनानी ने कहा कि युवा संसद समय के अनुरूप व्यापक सोच का प्रतीक है। दुनिया, कौशल और अवसर तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में जीवन कौशल, वित्तीय साक्षरता और नैतिक मूल्यों का विकास केवल शैक्षणिक आवश्यकता ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि युवा लोकतांत्रिक शक्ति के सक्रिय वाहक हैं। जिन सीटों पर आज विधायक बैठते हैं, वहीं भविष्य के विधायक, वैज्ञानिक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि भी बैठे हैं। यह प्रयास युवाओं को दर्शक नहीं, बल्कि 21वीं सदी का विजेता बनाने का है।

उन्होंने युवाओं पर बढ़ते दबावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पढ़ाई का दबाव, करियर का तनाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, तुलना की भावना, अकेलापन और प्रतिस्पर्धा युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं। मजबूत मन ही मजबूत निर्णय लेता है और यही सफलता का आधार है। करियर मार्गदर्शन को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सही दिशा मिल जाए तो औसत क्षमता वाला युवा भी शिखर तक पहुंच सकता है। प्रश्न पूछने वाला युवा ही परिवर्तन की मशाल जलाता है—विषय को समझें, उसका विश्लेषण करें और धैर्य के साथ निर्णय लें।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की समृद्ध परंपराओं का भी उल्लेख किया और बताया कि समर्थन में मेज थपथपाई जाती है, संवाद में मर्यादा, स्पष्टता और संयमित भाषा का प्रयोग किया जाता है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विधानसभा के ऐतिहासिक भवन में युवाओं की उपस्थिति गौरव की अनुभूति कराती है। युवा देश का भावी नेतृत्व हैं। उन्होंने संवाद और सहभागिता सीखने, समन्वय के साथ लोकतंत्र को मजबूत बनाने तथा शालीनता और सही मार्गदर्शन के साथ सफलता के शिखर तक पहुंचने का संदेश दिया।

विधानसभा अध्यक्ष की पहल पर आयोजित इस युवा संसद में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल, विधानसभा के विशिष्ट सहायक के.के. शर्मा सहित शिक्षा विभाग और विधानसभा के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा में चल रही युवा संसद के दौरान राज्य के विद्यालयों में अध्ययनरत किशोर-किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर मार्गदर्शन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में राज्य-स्तरीय काउंसलिंग कार्यक्रम प्रारंभ करने, प्रत्येक विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ स्थापित करने, प्रशिक्षित काउंसलरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमित परामर्श और करियर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने हेतु शासन को अधिकृत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, इससे विद्यार्थियों में मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास और करियर चयन की स्पष्टता बढ़ेगी तथा विद्यालयी वातावरण अधिक सुरक्षित और सकारात्मक बनेगा।

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