विधानसभा में गूंजा सामाजिक मुद्दों का दर्द:

विधानसभा में गूंजा सामाजिक मुद्दों का दर्द: ‘चार-चार बच्चों की माएं भाग रही हैं, सरकार करे समाधान’ – विधायक नरेंद्र बुडानिया

(हरिप्रसाद शर्मा) | जयपुर

​राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान तारानगर से कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने एक ओर जहाँ सरकार पर विधायकों की गरिमा को दरकिनार करने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में बढ़ती घरेलू और सामाजिक विसंगतियों को लेकर सदन का ध्यान आकर्षित किया।

‘कैंची लेकर घूम रहे हैं चुनाव हारे उम्मीदवार’

​बुडानिया ने प्रशासनिक प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा:

  • विधायकों की अनदेखी: सरकारी उद्घाटन कार्यक्रमों में निर्वाचित विधायकों के स्थान पर चुनाव हार चुके भाजपा उम्मीदवारों को तवज्जो दी जा रही है।
  • तारानगर का उदाहरण: उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल का शिलान्यास 2023 में हो चुका था, उसका उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री के बजाय जल संसाधन मंत्री ने किया।
  • पट्टिकाओं पर नाम का विवाद: उन्होंने कटाक्ष किया कि उद्घाटन पट्टिकाओं पर स्थानीय विधायक का नाम गायब है और हारे हुए उम्मीदवार ‘कैंची लेकर घूम रहे हैं’। इसे उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया।

बढ़ते सामाजिक बिखराव पर जताई चिंता

​राजनीतिक मुद्दों के बाद बुडानिया ने समाज के एक बेहद संवेदनशील और गंभीर पहलू पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज बेटियां ही नहीं, बल्कि चार-चार बच्चों की माताएं भी प्रेमियों के साथ घर छोड़कर भाग रही हैं।

उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:

  1. पारिवारिक पीड़ा: उन्होंने कहा कि जब पुलिस किसी लड़की को बरामद करती है, तो कई बार वह अपने ही माता-पिता को पहचानने से इनकार कर देती है। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख कुछ नहीं हो सकता।
  2. आत्महत्या के मामले: बुडानिया ने दावा किया कि ऐसी घटनाओं के बाद सामाजिक लोक-लाज के कारण कई पिताओं ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है।
  3. कानूनी दायरे की चुनौती: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और केंद्र सरकार के नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं सीमाओं में रहकर कोई ठोस रास्ता निकालना होगा।

साझा समाधान की अपील

​नरेंद्र बुडानिया ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक दल की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से अपील की कि वे इस सामाजिक बुराई और पारिवारिक बिखराव को रोकने के लिए गंभीर चिंतन करें और प्रभावी समाधान तलाशें।

​विधायक के इस बयान ने सदन में सन्नाटा खींच दिया, क्योंकि उन्होंने उन कड़वे सत्यों को छुआ जो आज ग्रामीण और शहरी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

विकसित भारत 2047 की परिकल्पना: सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय शिक्षा शिखर सम्मेलन का शुभारंभ

जयपुर।/योगेश शर्मा/सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय (एसजीवीयू), जयपुर में तीन...