विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से अजमेर उत्तर की जलापूर्ति व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

अमृत 2.0 के तहत 56.95 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत

  • जल दबाव और आपूर्ति व्यवस्था में होगा व्यापक सुधार

अजमेर उत्तर को बड़ी सौगात

नरेश गुनानी 

​विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के सतत प्रयासों से अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 56 करोड़ 95 लाख 88 हजार रुपये की लागत से विभिन्न जलापूर्ति संबंधी कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से अजमेर उत्तर के अनेक क्षेत्रों में जल उपलब्धता, जल दबाव और वितरण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।

​उल्लेखनीय है कि अजमेर शहरी जल प्रदाय योजना के तहत संशोधित तकनीकी स्वीकृति में अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लिए इन महत्वपूर्ण कार्यों को शामिल किया गया है।

वरुण सागर में बनेगा नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

​अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 322.10 लाख रुपये की लागत से वरुण सागर में 5 एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण से प्रतिदिन अतिरिक्त 5 एमएलडी शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। इससे अजमेर उत्तर के अंतिम छोर तक जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त 57 लाख रुपये की लागत से वरुण सागर में 500 केएल क्षमता का स्वच्छ जलाशय भी बनाया जाएगा।

पांच नए स्वच्छ जलाशयों का होगा निर्माण

​क्षेत्र में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पांच नए स्वच्छ जलाशयों का निर्माण किया जाएगा:

  • छतरी योजना: 700 केएल क्षमता (लागत: 95 लाख रुपये)
  • पंचशील ए ब्लॉक: 500 केएल क्षमता (लागत: 80 लाख रुपये)
  • ज्ञान विहार: 500 केएल क्षमता (लागत: 80 लाख रुपये)
  • करणी विहार: 300 केएल क्षमता (लागत: 50 लाख रुपये)
  • बन्दिया क्षेत्र: 500 केएल क्षमता (लागत: 80 लाख रुपये)

​इन जलाशयों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त जल दबाव के साथ निर्धारित समय पर पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

पाइपलाइन बिछाने और लीकेज सुधार पर 49 करोड़ से अधिक खर्च

  • आधुनिक वितरण नेटवर्क: जल वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 46.35 करोड़ रुपये की लागत से राइजिंग मेन एवं वितरण पाइपलाइन का कार्य कराया जाएगा। इससे कम जल दबाव वाले इलाकों में पर्याप्त प्रेशर के साथ पानी पहुंचेगा।
  • लीकेज समस्या का समाधान: सेंट फ्रांसिस चिकित्सालय के सामने रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र में पुरानी एवं लीकेज वाली मुख्य वितरण पाइपलाइन को 296.19 लाख रुपये की लागत से बदला जाएगा, जिससे जल रिसाव और जल हानि पर रोक लगेगी।

मुख्य स्रोत और वर्तमान स्थिति

​अजमेर शहर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य स्रोत बीसलपुर बांध है। बांध से पंपिंग के माध्यम से प्राप्त जल को नसीराबाद रोड स्थित एसआर-7 परिसर के जलाशयों में संग्रहित किया जाता है। इसके बाद मुख्य वितरण पाइपलाइनों के माध्यम से ग्रेविटी प्रणाली द्वारा जलापूर्ति की जाती है। वर्तमान में अजमेर शहर की जलापूर्ति 281 जोनों (153 जोन अजमेर उत्तर तथा 128 जोन अजमेर दक्षिण) के माध्यम से संचालित हो रही है। इन नए विकास कार्यों के पूरा होने से पूरे क्षेत्र की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

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