नरेश गुनानी
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर के राजापार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर में नवनिर्मित बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, युवाओं के भविष्य और सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
शिक्षा और संस्कारों का संगम है आदर्श विद्या मंदिर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार के बीज बोने के केंद्र होते हैं। उन्होंने आदर्श विद्या मंदिर संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह विद्यालय समाज में निस्वार्थ सेवा, सहयोग और करुणा की भावना का विस्तार कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस देश की युवा पीढ़ी अपनी विरासत और ऋषि-मुनियों द्वारा संजोई गई भारतीय ज्ञान की धरोहर को जानती है, उस राष्ट्र के विकास को कोई नहीं रोक सकता।
शिक्षक हैं व्यक्तित्व निर्माण के शिल्पकार
भजनलाल शर्मा ने विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं में शिक्षा के साथ-साथ देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना गुरुओं का ही उत्तरदायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि ज्ञान केंद्रों के विकास में समाज के हर वर्ग को अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
युवा शक्ति और रोजगार: सरकार का विजन
मुख्यमंत्री ने भारत की युवा शक्ति को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए राज्य सरकार के संकल्पों को साझा किया:
- रोजगार के लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करना है।
- अब तक की प्रगति: वर्तमान में 1 लाख 25 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1 लाख 33 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
- पारदर्शिता का दावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय पेपर लीक से युवाओं के सपने टूटे थे, लेकिन वर्तमान कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।
अंत्योदय और समान शिक्षा का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ सिद्धांत पर चल रही है। जब तक गांव या शहर का अंतिम बच्चा शिक्षा की रोशनी से वंचित है, तब तक विकास अधूरा है। युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए नई ‘युवा नीति’ लाई गई है ताकि वे केवल रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के माध्यम से आदर्श विद्या मंदिर चरित्र निर्माण का उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और सहयोग करने वाले भामाशाहों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुंदाचार्य, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक डॉ. रमेश अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम सहित विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
