विद्याधर नगर के पापड़ वाले हनुमान जी मंदिर में 108 कुण्डीय राम महायज्ञ की पूर्णाहुति कल, उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित देशभर के संत-महंतों ने दी आहुतियां

योगेश शर्मा 

जयपुर। राजधानी के विद्याधर नगर सेक्टर 8 स्थित प्रसिद्ध पापड़ वाले हनुमान जी मंदिर में आस्था और आध्यात्म का अनूठा समागम देखने को मिल रहा है। मंदिर में बीते 17 मई से आयोजित हो रहे भव्य नौ दिवसीय 108 कुण्डीय राम महायज्ञ का कल, 25 मई को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समापन (पूर्णाहुति) होगा। इस महायज्ञ में शामिल होने के लिए रामनगरी अयोध्या सहित देश के विभिन्न कोनों से कई प्रमुख धार्मिक पीठाधीश्वर और संत-महंत जयपुर पहुंचे हैं।

उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने लिया आशीर्वाद, दी आहुतियां

​महायज्ञ के आठवें दिन शनिवार को प्रदेश की उप-मुख्यमंत्री दिया कुमारी यज्ञ स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने यज्ञशाला की परिक्रमा कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने मुख्य वेदी के समक्ष बैठकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां दीं।

​यज्ञ आचार्य पंडित सतीश शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को नित्यार्चन के बाद भगवान कनक बिहारी और राम जानकी के सहस्त्रनामों का जाप करते हुए लगभग 11 हजार विशेष आहुतियां दी गईं। उप-मुख्यमंत्री के आगमन पर यज्ञ समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। स्वागत करने वालों में डॉ. पवन कुमार गुप्ता, राजेंद्र अग्रवाल, ललित अग्रवाल, रतन सिंह, सुरेश कुमार, कपिल देव और कजोड़मल गुर्जर शामिल रहे।

अखाड़ों के संतों का जमघट, आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ माहौल

​यह भव्य आयोजन मंदिर महंत महामंडलेश्वर राम सेवक दास महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हो रहा है। महायज्ञ में शनिवार और रविवार को भी देश के कई नामचीन अखाड़ों के संतों और नागा बाबाओं का आगमन हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र पंक्तिबद्ध मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा।

​इससे पहले यज्ञ में शामिल होने वाले देश के प्रमुख संतों में त्रिवेणी धाम के राम रिछपाल दास महाराज, नारायणपुर धाम के जनार्दन दास महाराज, मालेश्वर डूंगरी के हेमराज दास महाराज और कुंडा धाम के प्रहलाद दास महाराज प्रमुख रूप से मौजूद रहे और भक्तों को अपना दिव्य आशीर्वाद प्रदान किया।

विशाल पंगत प्रसादी का आयोजन

​यज्ञ समिति के प्रवक्ता मीठालाल सामोता ने बताया कि इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को लेकर स्थानीय निवासियों और जयपुर के भक्तों में भारी उत्साह है। यज्ञशाला के दर्शन और संतों के प्रवचन सुनने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। महायज्ञ के दौरान हर दिन विशाल पंगत प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तजन कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।

​कल 25 मई को होने वाली मुख्य पूर्णाहुति को लेकर मंदिर प्रशासन और यज्ञ समिति ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को महाआरती और महाप्रसादी के साथ इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का विधिवत समापन होगा।

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