विदेशी नागरिकों के होटल में रुकने पर बने कड़े कानून, सूचना नहीं देने पर 3 वर्ष तक की सजा का प्रावधान
लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान एवं जयपुर होटल एसोसिएशन की ओर से इमीग्रेशन एवं फॉरेन एक्ट की नई कानूनी व्यवस्थाओं पर जानकारी देने के लिए मंगलवार को जयपुर के एक निजी होटल में कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में पुलिस एडिशनल एसपी सीआईडी धर्मेंद्र सागर, डिप्टी एसपी महेंद्र गुप्ता और इंस्पेक्टर एल.एन. कुमावत ने होटल कारोबारियों को विस्तृत जानकारी दी।
होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान और जयपुर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने बताया कि कार्यशाला में लगभग 450 होटल व्यवसायी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि विदेशी नागरिकों के होटल में ठहरने को लेकर अब पहले से कहीं अधिक कड़े नियम लागू किए गए हैं।
नए प्रावधानों की मुख्य बातें
- होटल संचालकों को विदेशी नागरिक के चेक-इन और चेक-आउट की सूचना 24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग को देना अनिवार्य होगा।
- पहले केवल चेक-इन की सूचना देने का प्रावधान था, लेकिन अब दोनों की रिपोर्टिंग जरूरी होगी।
- नियमों की अवहेलना करने पर 3 लाख रुपये तक का जुर्माना और 3 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
- पहले यह सजा केवल 1 वर्ष और जुर्माना 50 हजार रुपये तक सीमित था।
- विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड होटल संचालक को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, जबकि पहले ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी।
- अब कार्रवाई के लिए हेड कॉन्स्टेबल स्तर के अधिकारी भी अधिकृत होंगे। पहले केवल इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को यह अधिकार था।
इस कड़े कानून का उद्देश्य विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है।
कार्यशाला में होटल फेडरेशन के संरक्षक सुरेंद्र सिंह शाहपुरा, एच.आर. अध्यक्ष कुलदीप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणविजय सिंह, सचिन विपुल मेहता, संदीप गोगिया, मनीष शर्मा, जितेंद्र सूपा, मनीष विधानी, प्रकाश शर्मा, कृष्ण अवतार, ओमप्रकाश कुमावत, महेंद्र सोनी, एम. चटर्जी, शौकत खान सहित बड़ी संख्या में होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अधिकारियों ने होटल व्यवसायियों से अपील की कि वे नए नियमों का पालन कर पर्यटकों और शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें।