जयपुर/ प्रीति बालानी/देश से मानसून की वापसी की औपचारिक शुरुआत होने वाली है, लेकिन विदा लेने से पहले बादलों के तेवर बेहद आक्रामक हो चुके हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 सितंबर को राजस्थान समेत देश के 22 राज्यों में भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया है। सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और कम दबाव की द्रोणिका के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर पूरी तेजी पर हैं।
राजस्थान के इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में यह मानसूनी सक्रियता अगले 24 से 48 घंटों तक कई हिस्सों को प्रभावित करेगी:
- हाड़ौती और मेवाड़ क्षेत्र: कोटा, झालावाड़, बारां, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- जयपुर व मध्य राजस्थान: राजधानी जयपुर, दौसा, टोंक और अजमेर में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हैं और गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
- रेगिस्तानी इलाके: जोधपुर और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिसके बाद धीरे-धीरे पश्चिमी छोर से मानसून विदा होना शुरू होगा।
देश के अन्य हिस्सों में स्थिति
- उत्तर भारत: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जलभराव की आशंका है।
- मध्य व पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र (कोंकण और विदर्भ) के अधिकांश हिस्सों में बिजली चमकने और भारी वर्षा की चेतावनी है।
- पूर्वी भारत: बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी
भारी बारिश के मद्देनजर निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने का जोखिम है। प्रशासन ने लोगों से जलजमाव वाले रास्तों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। वहीं, किसानों को कटी हुई या पककर तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विदाई की इस तेज बारिश से फसलों को नुकसान न पहुंचे।