जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) और सरोगेसी नियमों के उल्लंघन पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नीलकंठ फर्टिलिटी एंड वूमेन केयर हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अखबार में दिए गए एक विज्ञापन में भ्रूण का रंग नीला प्रदर्शित करने को प्रथम दृष्टया लिंग चयन (Sex Selection) को बढ़ावा देने का संकेत मानते हुए अस्पताल के कुल 9 सेंटर्स के पंजीकरण प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
कार्रवाई का मुख्य कारण
- विवादित विज्ञापन: एक अंग्रेजी समाचार पत्र के जयपुर संस्करण में प्रकाशित आईवीएफ, फर्टिलिटी एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के विज्ञापन में भ्रूण को नीले रंग में दिखाया गया था, जिसे आमतौर पर मेल चाइल्ड (लड़के) का प्रतीक माना जाता है।
- कानूनी उल्लंघन: एआरटी (रेग्युलेशन) एक्ट, 2021 के तहत लिंग चयन और लिंग आधारित किसी भी प्रकार की एआरटी गतिविधियों या उनके प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष प्रचार पर पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध है। विभाग ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है।
निलंबित किए गए 9 सेंटर्स का विवरण
- जयपुर (3 सेंटर्स): 2 एआरटी क्लिनिक (लेवल-2), 1 सरोगेसी क्लिनिक और 1 एआरटी बैंक
- भीलवाड़ा (1 सेंटर): एआरटी क्लिनिक (लेवल-1)
- कोटा (1 सेंटर): एआरटी क्लिनिक (लेवल-2)
- उदयपुर (1 सेंटर): एआरटी क्लिनिक (लेवल-2)
- अजमेर (1 सेंटर): एआरटी क्लिनिक (लेवल-2)
- जोधपुर (1 सेंटर): एआरटी क्लिनिक (लेवल-2)
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, नैतिक मानकों और कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। लिंग चयन के किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने और मरीजों को पारदर्शी व सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।