विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने की विभागीय समीक्षा: अनुसंधान को पेटेंट से जोड़ने और बजट के पूर्ण सदुपयोग के दिए निर्देश

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने की विभागीय समीक्षा: अनुसंधान को पेटेंट से जोड़ने और बजट के पूर्ण सदुपयोग के दिए निर्देश

जयपुर | 27 जनवरी, 2026

| नरेश गुनानी

​विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री संजय शर्मा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में बजट घोषणाओं की क्रियान्विति, विधानसभा में दिए गए आश्वास्नों की स्थिति और विभाग के भविष्य के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग को आवंटित बजट का समय पर पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए और नवाचारों के माध्यम से आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाया जाए।

अनुसंधान और तकनीक पर जोर

​बैठक के दौरान संजय शर्मा ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अनुसंधान (Research) को केवल शैक्षणिक स्तर तक सीमित न रखकर उसे उद्योगों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं से जोड़ा जाए। उन्होंने प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  • पेटेंट प्रक्रिया: शोध प्रस्तावों को पेटेंट प्रक्रिया से जोड़ना अनिवार्य किया जाए ताकि नवाचारों को कानूनी संरक्षण मिल सके।
  • फंड का सदुपयोग: वन एवं पर्यावरण विभाग के CSR और CAMPA फंड का उपयोग शोध एवं विकास (R&D) परियोजनाओं में करने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
  • पारदर्शिता: विभागीय योजनाओं में सहायता राशि बढ़ाने और तकनीक के माध्यम से कार्यप्रणाली में दक्षता लाने के निर्देश दिए।

संसाधन और मानव बल का विस्तार

​विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मंत्री ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। जरूरत पड़ने पर संविदा कार्मिकों की नियुक्ति के भी निर्देश दिए गए। संभाग स्तर के अधिकारियों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें वाहन, कंप्यूटर और बेहतर कार्यालय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे सभी जिलों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकें।

GIS डेटा का उपयोग और नए विज्ञान केंद्र

​बैठक में सरसेक (SRSAC), जोधपुर द्वारा तैयार किए गए जीआईएस (GIS) डेटा की महत्ता पर चर्चा हुई। मंत्री ने इस डेटा का उपयोग राजस्व और वन विभाग के मानचित्रण (Mapping) में करने पर बल दिया।

  • निर्माण कार्य: सचिव वे. सरवन कुमार ने कोटा, बीकानेर और अजमेर विज्ञान केंद्रों के प्रगति की जानकारी दी।
  • इनोवेशन हब: जोधपुर में ‘इनोवेशन हब’ का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए।
  • पायलट प्रोजेक्ट: अलवर जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुनकर जिला स्तर पर राज्य वित्त पोषित विज्ञान केंद्रों के विस्तार का नया मॉडल तैयार किया जाएगा।

डिजिटल प्लेनेटेरियम और विज्ञान पार्कों का विस्तार

​परियोजना निदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष राजीव जैन ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभाग की सभी योजनाओं की वर्तमान स्थिति साझा की। बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल प्लेनेटेरियम, इनोवेशन हब और विज्ञान पार्कों का विस्तार किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके।

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