जयपुर/ योगेश शर्मा/राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मंदरामपुरा गांव में विकास के तमाम सरकारी दावों की हवा निकल गई है। गाँव में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पूरा क्षेत्र पानी में डूब चुका है। मुख्य चौराहे से लेकर बालाजी मंदिर और गाँव का मुख्य मार्ग किसी तालाब जैसा नजारा पेश कर रहा है।
सबसे हृदयविदारक स्थिति तब सामने आई जब जलभराव के बीच से एक ग्रामीण की अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी। कमर तक भरे बदबूदार पानी और कीचड़ के बीच से शवयात्रा ले जाने के दृश्य ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
”वोट ले लिया… अब डुबो दिया”: ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
अंतिम यात्रा के इस दर्दनाक दृश्य के बाद ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना था:
“चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करके वोट तो सब ले गए, लेकिन आज हमें हमारी किस्मत के भरोसे छोड़ दिया गया है। हालात ऐसे बना दिए हैं कि अब जीवित रहना तो दूर, अंतिम सफर भी नारकीय बन चुका है।”
2 साल से आश्वासन, समाधान शून्य
पूर्व सरपंच राजराम गुर्जर ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गाँव में पिछले 2 वर्षों से नाली निर्माण और सड़क की गंभीर समस्या बनी हुई है। जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही मिले।
आम जनजीवन पर असर:
- स्कूली बच्चे और बुजुर्ग: जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का पैदल चलना दूभर हो गया है।
- हादसों का खतरा: सड़क पर गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
- इमरजेंसी में खतरा: ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी मरीज को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल ले जाना पड़े, तो यह मार्ग सबसे बड़ी बाधा बन जाता है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक सड़क की बदहाली नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि:
- तत्काल प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था की जाए।
- पक्की सड़क व नालियों का स्थायी निर्माण शुरू किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया तो पूरा गांव सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर जन-आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में मौजूद प्रमुख लोग:
प्रदर्शन के दौरान लोकेश पंवार, अर्जुन चावला, धमेन्द्र गुर्जर, हीरालाल गुर्जर, संतोष सेन, पार्वती देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद रहे।