विकसित राजस्थान 2047: 350 बिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य, समावेशी विकास पर केंद्रित बजट
| नरेश गुनानी
जयपुर, 11 फरवरी। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026-27 को प्रदेश की उन्नति का एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में यह बजट “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित है, जो न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करता है बल्कि विकसित राजस्थान 2047 के विजन को भी नई गति प्रदान करता है।

आर्थिक लक्ष्य और विजन
चतुर्वेदी ने रेखांकित किया कि सरकार ने वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का जो महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, वह प्रदेश की मजबूत आर्थिक दृष्टि को दर्शाता है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” और “सिटीजन फर्स्ट” के संकल्प को धरातल पर उतारने की एक ठोस पहल है।
बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं
बजट के केंद्र में समाज के सभी वर्गों को रखा गया है, जिसे चतुर्वेदी ने निम्नलिखित बिंदुओं में स्पष्ट किया:
- सर्वसमावेशी विकास: गरीब, युवा, अन्नदाता किसान, नारी और मजदूर वर्ग के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- आधारभूत ढांचा और निवेश: बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- कृषि एवं ग्रामीण विकास: कृषि प्रधान राज्य होने के नाते किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
- युवा और महिला सशक्तिकरण: नई भर्तियों, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, शिक्षा और सुरक्षा के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है।
’ग्रीन एनर्जी हब’ की ओर बढ़ते कदम
वित्त आयोग अध्यक्ष ने बजट की सबसे बड़ी विशेषता “ग्रीन बजट” के रूप में बताई। उन्होंने कहा कि:
- सौर, पवन और जल ऊर्जा पर विशेष फोकस किया गया है।
- इन प्रयासों से राजस्थान को देश के ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
- पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यह ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
