विकसित राजस्थान / 2047 विजन डॉक्यूमेंट : वर्ष 2047 तक राजस्थान बनेगा विकसित राज्य
नरेश गुनानी •
जयपुर, 23 अक्टूबर 2025। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित राजस्थान / 2047 का संकल्प लिया है। इस दिशा में राज्य सरकार ने एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिसका अनुमोदन राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अगस्त 2025 में किया गया।
यह विजन डॉक्यूमेंट युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को विकास के केंद्र में रखते हुए विकसित भारत 2047 की आकांक्षाओं के अनुरूप राजस्थान के चहुंमुखी और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसमें कृषि, उद्योग, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा को विकास के प्रमुख स्तंभ के रूप में चिन्हित किया गया है। लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचे और राज्य विकसित देशों की तर्ज पर सुविधाओं का विस्तार करे।
4 थीम और 13 सेक्टर पर आधारित विजन डॉक्यूमेंट
विकास का यह दस्तावेज चार प्रमुख थीम और 13 सेक्टर पर केंद्रित है—
- जनकल्याण और सामाजिक सशक्तीकरण: कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर आधारित।
- त्वरित विकास, समृद्धि और रोजगार सृजन: उद्योग, खनन, आर्थिक वृद्धि, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास पर केंद्रित।
- भविष्य उन्मुख राजस्थान: आधारभूत अवसंरचना, जल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलता पर आधारित।
- नीति, वित्त और शासन: ग्रामीण-शहरी विकास, प्रभावी शासन व्यवस्था, सार्वजनिक सेवाएं और वित्तीय प्रबंधन को समेटे हुए।
विकसित देशों के मानकों पर तय किए गए लक्ष्य
राज्य के विकास लक्ष्यों को विकसित देशों के पैमानों पर निर्धारित किया गया है। उदाहरण के तौर पर, जर्मनी की तरह राजस्थान ने वर्ष 2047 तक अपने सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSDP) में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नागरिकों की जीवन प्रत्याशा 77 वर्ष तक बढ़ाने और शिशु मृत्यु दर को प्रति हजार शिशुओं पर 10 से नीचे लाने का लक्ष्य है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रत्येक विद्यालय को कंप्यूटर युक्त स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा और 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
महिलाओं की भागीदारी और पर्यटन को नई दिशा
सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में सरकार का लक्ष्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी 60 प्रतिशत से अधिक करने का है। इसके साथ ही राज्य को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और आधुनिक पर्यटन अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्देश्य है कि देश में पर्यटकों के आवागमन में राजस्थान की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़े।
चरणबद्ध विकास की रूपरेखा
राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2030, 2035 और 2040 के मध्यावधि लक्ष्य भी तय किए हैं। इससे विकास की प्रक्रिया चरणबद्ध और सतत बनी रहेगी।
प्रत्येक विभाग के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसका वार्षिक वित्तीय मूल्यांकन और सतत मॉनिटरिंग की जाएगी। इस प्रक्रिया से विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और विकास कार्य निर्बाध गति से आगे बढ़ेंगे।