| नरेश गुनानी
जयपुर, 23 मार्च। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के मानविकी पीठ सभागार में आयोजित ‘विकसित भारत @2047: समर्थ युवा-सशक्त भारत’ प्रतिभा सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत की मूल जड़ों को पहचानें और देश के विकास में सक्रिय सहभागी बनें।
प्रधानमंत्री का सपना, अब जन-जन का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना मात्र नहीं है, बल्कि अब यह हर भारतीय का दृढ़ संकल्प बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ पूरे विश्व को अपना परिवार मानकर मार्गदर्शक की भूमिका निभाता आया है और भविष्य में भी यह भूमिका जारी रहेगी।
प्राचीन ज्ञान और एआई का समन्वय आवश्यक
एनएनएस से जुड़े स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए देवनानी ने कहा:
”वर्तमान दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। युवाओं को युगानुकूल नवाचारों और भारत के प्राचीन ज्ञान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना चाहिए। वास्कोडिगामा ने भारत को नहीं खोजा था, बल्कि भारत ने सदियों पहले पूरे विश्व को दिशा दिखाई थी।”
उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान, संस्कृति, अध्यात्म और तकनीक का केंद्र रहा है, लेकिन लंबी गुलामी के कारण हम अपनी पहचान भूल गए थे। अब समय आ गया है कि युवा अपनी सेवा संस्कृति को जीवन का अंग बनाकर भारत को पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन करें।
प्रतिभाओं का सम्मान और एनएसएस इकाइयों में विस्तार
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने राजस्थान विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं और प्रभारियों को प्रमाण पत्र एवं बैच प्रदान कर सम्मानित किया।
कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना राजस्थान के क्षेत्रीय निदेशालय एस एस भटनागर का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विश्वविद्यालय में एनएसएस की इकाइयों को 20 से बढ़ाकर पुनः 30 करने की घोषणा की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय निदेशक एस एस भटनागर सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
